आईसीसी के नियम के मुताबिक अगर किसी नॉकआउट मैच में स्कोर टाई होने के बाद सुपर ओवर में भी दोनों टीमें बराबर स्कोर करती हैं तो फैसला बाउंड्री काउंट नियम से होता था। इसके तहत जिस भी टीम ने पूरे मैच में (सुपर ओवर मिलाकर) सबसे ज्यादा बाउंड्री स्कोर की होंगी, वो विजेता घोषित होती थी।
वर्ल्ड कप 2019 में इंग्लैंड की पारी के 50वें ओवर का था। मेजबान टीम को 3 गेंदों में 9 रन की दरकार थी, तभी चौथी गेंद पर बेन स्टोक्स ने मिड विकेट की ओर शॉट खेला और तेजी से एक रन लेने के बाद दूसरा रन लेने के लिए भागे। इस दौरान दूसरा रन पूरा करने के वक्त उन्होंने स्ट्राइक एंड की तरफ डाइव लगा दी, तभी गुप्टिल का थ्रो आकर उनके बैट पर लगा और गेंद बाउंड्री पार चली गई। इसके बाद अंपायर ने आपस में बातचीत करने के बाद इंग्लैंड को 6 रन दे दिए। इस तरह जहां सिर्फ 2 रन होने चाहिए थे, वहां इंग्लैंड को 4 रन और अतिरिक्त मिल गए यानी कुल मिलाकर इंग्लैंड के खाते में 6 रन जुड़ गए। अब इंग्लैंड को आखिरी 2 गेंदों में जीत के लिए सिर्फ 3 रन की दरकार थी, जो कि मैच का टर्निंग प्वाइंट बन गया।
न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 241 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की पूरी टीम आखिरी गेंद पर 241 रन पर ऑल आउट हो गई। मैच टाई रहा और फिर फैसला सुपर ओवर से हुआ। सुपर ओवर के नियम के तहत जिस टीम ने दूसरी पारी में बल्लेबाजी की, उसे ही पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिलता है।
इंग्लैंड ने अपनी पारी में 22 चौके और 2 छक्के समेत 24 बाउंड्री जड़ी। सुपर ओवर में भी 2 चौके लगाए। इस तरह इंग्लैंड ने कुल 26 बाउंड्री लगाई। वहीं पहले बल्लेबाजी करने वाली न्यूजीलैंड की टीम ने 14 चौके और 2 छक्कों के साथ कुल 16 बाउंड्री स्कोर की, जबकि सुपर ओवर में सिर्फ एक छक्का लगाया। इस तरह इंग्लैंड ने मुख्य पारी और सुपर ओवर में लगाई गई ज्यादा बाउंड्री के आधार पर वर्ल्ड कप 2019 का खिताब अपने नाम कर लिया।