इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) का पिछले 11 साल का रिकॉर्ड कहता है कि टेस्ट क्रिकेट का ओवर रेट इस वक्त सबसे स्लो है। टेस्ट ही नहीं बल्कि टी-20 क्रिकेट का भी यही हाल है। कोई भी टीम अब तक निर्धारित समयानुसार ओवर रेट के नियमों का सही पालन नहीं कर सकी है। इस वजह से मैच तय समय से आगे खिंच रहे हैं।
इस समस्या से छुटकरा दिलाने के लिए आईसीसी को मेलबर्न क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने एक रास्ता सुझाया है। वर्ल्ड क्रिकेट कमेटी ने क्रिकेट में शॉर्ट क्लॉकक लाने की वकालत की है। इस कमेटी में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के अलावा, रिकी पोंटिंग, जॉन स्टीफनसन हैं।
इस मामले पर हुई बैठक के बाद रिकी पोंटिंग ने कहा, 'हमने क्रिकेट में शॉट क्लॉक लाने पर चर्चा की है। इसका मकसद मैच में फिजूल टाइम गंवाने पर चर्चा की गई है। हम चाहते हैं कि ओवर खत्म होने के बाद तुरंत ही गेंदबाज और फील्डर अपनी अपनी जगह पर पहुंच जाए। इसी तरह एक बल्लेबाज के आउट होने के बाद दूसरे बल्लेबाज को भी निश्चित समय मे मैदान पर आना होगा। खिलाड़ी को तय समय में अपनी जगह पर पहुंचना ही होगा।'
पोंटिंग ने बताया, 'शॉट क्लॉक के नियम का पालन नहीं करने पर उस टीम के कप्तान पर जुर्माना लग सकता है। अभी हम इसे लेकर किसी निष्कर्ष पर नही पहुंचे हैं। हमें लगता है कि कप्तान शॉट क्लॉक का नियम लागू होने के बाद मैच टाइम पर खत्म करना सुनिश्चित करेगा। आईसीसी इस बैठक में हुई चर्चा पर गंभीरता से विचार कर रही है।'