भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की राज्य इकाई रविवार को होने वाली विशेष आम सभा के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के नवनियुक्त अध्यक्ष जय शाह का सम्मान करेगी। शाह आईसीसी में पद संभालने से पहले बीसीसीआई के सचिव के रूप में काम कर रहे थे। शाह पिछले साल अगस्त में निर्विरोध आईसीसी के अध्यक्ष चुने गए थे और उन्होंने एक दिसंबर 2024 को यह पद संभाला था। वह आईसीसी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं।
बार्कले की जगह संभाला था पद
जय शाह ग्रेग बार्कले की जगह आईसीसी अध्यक्ष बने थे जिन्होंने तीसरी बार यह पद संभालने से मना कर दिया था। शाह अक्तूबर 2019 से बीसीसीआई का सचिव पद संभाल रहे थे। इसके अलावा वह जनवरी 2021 से एशिया क्रिकेट परिषद (एसीसी) के अध्यक्ष भी थे। शाह विशेष आम सभा में विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। यह बैठक बीसीसीआई का अगला सचिव और कोषाध्यक्ष चुनने के लिए बुलाई गई है।
आईसीसी अध्यक्ष बनने वाले पांचवें भारतीय
जय शाह इस वैश्विक संस्था का नेतृत्व करने वाले पांचवें भारतीय हैं। शाह से पहले व्यवसायी दिवंगत जगमोहन डालमिया, राजनेता शरद पवार, वकील शशांक मनोहर और उद्योगपति एन श्रीनिवासन विश्व क्रिकेट संस्था का नेतृत्व करने वाले भारतीयों में शामिल रहे हैं। 36 साल के शाह पिछले पांच वर्षों से बीसीसीआई सचिव के तौर पर काम कर रहे थे।
बीसीसीआई सचिव के तौर पर लिए अहम निर्णय
शाह का बीसीसीआई सचिव के तौर पर कार्यकाल कई मायनों में सफल रहा था। भारतीय क्रिकेट में दो तारीखें बड़ी महत्वपूर्ण हैं। एक 27 अक्तूबर, 2022, जब भारतीय महिला क्रिकेटरों को पुरुषों के समान फीस देने का एलान हुआ और दूसरी, 28 जनवरी, 2023, जब महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के लिए खिलाड़ियों की बोली लगी। आईपीएल ने अगर विश्व क्रिकेट का परिदृश्य बदला, तो पुरुषों के बराबर फीस और डब्ल्यूपीएल ने महिला क्रिकेट में नई क्रांति ला दी, जिसका श्रेय जाता है जय शाह को जाता है।