अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अभी तक अमेरिका और वेस्टइंडीज में हुए टी20 विश्व कप के दौरान 54 मैच के लिए इस्तेमाल की गई पिच और आउटफील्ड की आधिकारिक रेटिंग की घोषणा नहीं की है, जबकि इसे खत्म हुए साढ़े सात हफ्ते हो चुके हैं। वेस्टइंडीज में हुए मैच के बजाय ध्यान न्यूयॉर्क के नासाउ काउंटी मैदान पर हुए आठ मैच की रेटिंग पर लगा है जिसमें आठ मैच में पहली पारी का औसत स्कोर 107.6 तक रहा, जबकि ये ‘ड्रॉप इन’ पिचें एडीलेड के क्यूरेटर डेमियन ह्यू ने तैयार की थी।
आईसीसी वेबसाइट पर पिच और आउटफील्ड के रेटिंग सेक्शन पर 31 मई 2024 से कोई अपडेट नहीं किया गया है। न्यूयॉर्क की पिच और आउटफील्ड पर असमान उछाल और धीमी आउटफील्ड की दुनिया भर में आलोचना हुई थी जिसमें 120 रन तक के स्कोर का पीछा करना मुश्किल हो गया था।
यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि पिच और आउटफील्ड रेटिंग अभी तक 46 दिन के बाद भी आईसीसी की वेबसाइट पर अपलोड नहीं की गई हैं, जबकि आईसीसी मैच खत्म होने के एक हफ्ते के अंदर पिच का आकलन अपलोड कर देता है जिससे यह विलंब असमान्य बन गया है। न्यूयॉर्क में आठ मैच में मैच रैफरी रंजन मदुगले, डेविड बून, जेफ क्रो और रिकी रिचर्डसन थे।
धीमी पिच पर उठे थे सवाल
न्यूयॉर्क की नासाउ काउंटी इंटरनेशनल स्टेडियम की धीमी पिच पर लगातार सवाल उठे थे। भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला भी इसी पिच पर खेला गया था और यह मुकाबला कम स्कोर का रहा था जिसमे भारत ने जीत दर्ज की थी। ड्रॉप इन पिचों पर बल्लेबाजी करना बेहद मुश्किल था। भारत ने टी20 विश्व कप में इस पिच पर 119 रन, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने 113 रन का सफलतापूर्वक बचाव किया था। पाकिस्तान तो भारत के खिलाफ 30 गेंद में 30 रन नहीं बना पाया था।