आईपीएल 2020 पर संकट के बादल बरकरार है
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इस महीने की शुरुआती में बोर्ड बैठक के बाद आईसीसी ने एक महीने और इंतजार करने का फैसला किया और कोविड-19 महामारी के बीच प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर कोई फैसला करने से पहले और आपात योजनाओं पर विचार करना चाहता है।
अधिकारी का मानना है कि टूर्नामेंट को स्थगित करने को लेकर अगर जल्द फैसला होता है तो इससे सदस्य देशों को अपनी द्विपक्षीय श्रृंखलाओं की योजना बनाने में मदद मिलेगी। नाराज अधिकारी ने कहा, 'यह बीसीसीआई या आईपीएल का मामला नहीं है। अगर आईसीसी इस महीने टूर्नामेंट को स्थगित करने की घोषणा करता है तो जिन सदस्य देशों के खिलाड़ी आईपीएल का हिस्सा नहीं है वे भी इस दौरान अपनी द्विपक्षीय श्रृंखलाओं को लेकर योजना बना सकते हैं। फैसला करने में विलंब से सभी को नुकसान होगा।'
आईसीसी अगर जल्द फैसला करता है तो बीसीसीआई की आईपीएल संचालन टीम संभावित मेजबानों को लेकर तैयारी शुरू कर सकती है जिसमें श्रीलंका भी शामिल होगा जिसके बाद प्रेमदासा, पाल्लेकल और हंबनटोटा मैदान हैं।
यूएई के मुकाबले श्रीलंका को कम खर्चीले मेजबान के रूप में देखा जा रहा है और सुनील गावस्कर भी कह चुक हैं कि सितंबर में आईपीएल कराने के लिए यह आदर्श देश होगा। बीसीसीआई और मनोहर के बीच मतभेद नए नहीं हैं। नागपुर के वकील मनोहर के बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन से कटु रिश्ते रहे हैं, जिन्हें तनाव की मुख्य वजह माना जा रहा है। अधिकारी ने कहा, 'वह बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष हैं जो हमारे हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं। आईसीसी के राजस्व में देश के योगदान के बावजूद बीसीसीआई के राजस्व हिस्से में कटौती की गई है।'
बीसीसीआई से जुड़े लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि अगले चेयरमैन के नामांकन की प्रक्रिया की औपचारिक घोषणा क्यों नहीं की गई। बीसीसीआई के एक अनुभवी अधिकारी ने कहा, 'आईसीसी बोर्ड की कुछ बैठक हुई लेकिन इनमें ईमेल लीग और जांच को नामांकन प्रक्रिया की घोषणा पर तरजीह दी गई। अगर आप मेरे से पूछो तो मुझे यकीन नहीं है कि मनोहर चेयरमैन का पद छोड़ेंगे और तीसरे कार्यकाल का प्रयास नहीं करेंगे।'
आईसीसी चेयरमैन दो साल के तीन कार्यकाल तक अपने पद पर रह सकता है। आईसीसी के बोर्ड सदस्यों को डर है कि नामांकन प्रक्रिया में देरी से सर्वसम्मत उम्मीदवार को चुनने में दिक्कत हो सकती है। बोर्ड के सदस्य ने कहा, 'कोलिन ग्रेव्स अब भी दौड़ में सबसे आगे हैं और अगर सौरव गांगुली इच्छुक नहीं होते हैं तो उन्हें बीसीसीआई का भी समर्थन होगा। अगर सर्वसम्मत फैसला नहीं होता है और गांगुली भी उम्मीदवारी पेश करते हैं तो यह रोचक होगा।' एहसान मनी भी दावेदारों में शामिल हैं जिन्हें निश्चित रूप से बीसीसीआई का समर्थन हासिल नहीं होगा। न्यूजीलैंड क्रिकेट की अध्यक्ष डेबी हॉकले का नाम भी सामने आ रहा है।
एहसान मनी, पीसीबी अध्यक्ष
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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष एहसान मनी ने बुधवार को कहा कि उन्हें इस साल ऑस्ट्रेलिया में टी-20 विश्व कप के आयोजन की संभावना नजर नहीं आती, उन्होंने साथ ही कहा कि क्रिकेट जगत कोविड-19 महामारी को देखते हुए जोखिम नहीं उठा सकता। मनी ने संवाददाताओं से कहा, 'हमने काफी चर्चा की और यह महसूस किया कि इस साल इसका (टी20 विश्व कप) आयोजन संभव नहीं है। आईसीसी के 2021 और 2023 में विश्व कप होने हैं इसलिए हमारे पास बीच में एक साल का समय है जब हम इस टूर्नामेंट को जगह दे सकते हैं। अल्लाह ना करे अगर टूर्नामेंट के दौरान कोई खिलाड़ी बीमार हो गए या कोई दुखद घटना हुई तो इसका बड़ा असर पड़ेगा और क्रिकेट जगत में डर पैदा होगा और हम यह जोखिम नहीं उठा सकते।'