भारतीय टीम के अगले साल होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान की यात्रा करने से इनकार करने के बावजूद आईसीसी ने इस टूर्नामेंट के कार्यक्रम को लेकर चर्चा जारी रखी हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि इस टूर्नामेंट का आयोजन पाकिस्तान के बाहर हो सकता है। इन सब चीजों के बीच सूत्रों से जानकारी मिली है कि क्रिकेट की वैश्विक संस्था चैंपियंस ट्रॉफी में भाग लेने वाले देशों के साथ कार्यक्रम पर चर्चा कर रहा है।
ऐसी चर्चा है कि अगर पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन हाइब्रिड मॉडल के तर्ज पर कराने के लिए राजी नहीं होता है और अंतिम समय में टूर्नामेंट की मेजबानी से पीछे हटता है तो दक्षिण अफ्रीका या यूएई में टूर्नामेंट का आयोजन हो सकता है। हालांकि, न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मंगलवार को आयोजन स्थल बदलने को लेकर आईसीसी में किसी तरह की चर्चा नहीं हुई है। वहीं, आईसीसी ने चैंपियंस ट्रॉफी के लॉन्च कार्यक्रम को भी स्थगित कर दिया जो 11 नवंबर को लाहौर में आयोजित होने वाला था।
आईसीसी को पीसीबी से मिला है पत्र
खेल की वैश्विक संचालन संस्था आईसीसी को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से एक पत्र मिला है जिसमें टूर्नामेंट के लिए भारत की पाकिस्तान यात्रा करने में असमर्थता के लिए बीसीसीआई से लिखित पुष्टि मांगी गई है। पीसीबी ने आईसीसी को बताया है कि देश में सुरक्षा कोई मुद्दा नहीं है और उसने हाल ही में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की सफलतापूर्वक मेजबानी की है और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भी यही वादा किया है।
हाइब्रिड मॉडल के लिए तैयार नहीं पीसीबी
वह पिछले साल एशिया कप की तरह इस प्रतियोगिता को हाइब्रिड मॉडल में नहीं कराने के अपने रुख पर अड़ा रहा जिसमें भारत के मैच श्रीलंका में आयोजित किए गए थे। आईसीसी ने अभी तक पीसीबी को जवाब नहीं दिया है और भाग लेने वाली टीमों के साथ कार्यक्रम पर चर्चा कर रहा है। बताया जा रहा है कि पीसीबी देश के बाहर यहां तक कि यूएई में भी टूर्नामेंट की मेजबानी करने का इच्छुक नहीं है।
भारत को हाइब्रिड मॉडल से नहीं है दिक्कत
बताया यह भी जा रहा है कि भारत को चैंपियंस ट्रॉफी हाइब्रिड मॉडल के तहत खेलने में कोई दिक्कत नहीं है जिसके तहत भारत अपने मुकाबले दुबई या श्रीलंका में खेल सकता है। हालांक, पीसीबी इसके लिए तैयार नहीं है। इससे पहले पिछले साल एशिया कप में हाइब्रिड मॉडल अपनाया गया था जब फाइनल सहित भारत के मैच श्रीलंका में और बाकी सारे मैच पाकिस्तान में हुए थे। उस वक्त भी भारत ने एशिया कप के लिए पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था।