अंतरिम समिति के गठन पर ICC को आपत्ति
इस बैठक के दौरान जय शाह द्वारा श्रीलंका क्रिकेट की अंतरिम समिति की नियुक्ति पर चर्चा किए जाने की संभावना है। दरअसल, आईसीसी इस अंतरिम समिति के गठन को राष्ट्रीय क्रिकेट शासी निकायों के कामकाज से जुड़े अपने स्थापित नियमों के विपरीत मानता है। गौरतलब है कि श्रीलंका के खेल मंत्री सुनील कुमार गमागे ने अप्रैल के आखिर में बोर्ड का कामकाज संभालने के लिए इस मौजूदा अंतरिम समिति की नियुक्ति की थी।
आईसीसी ने चुनावों को लेकर भेजा था पत्र
क्रिकेट सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आईसीसी ने पिछले हफ्ते एसएलसी के सीईओ एशले डी सिल्वा को एक पत्र भेजा था। हालांकि इस पत्र में लिखी बातों को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि वैश्विक संस्था ने एसएलसी के मामलों को लोकतांत्रिक तरीके से चलाने के लिए बिना किसी देरी के चुनाव कराने पर जोर दिया है। इसके विपरीत, श्रीलंका की अंतरिम समिति को आईसीसी से यह उम्मीद थी कि वह क्रिकेट बोर्ड के लिए एक नया संविधान तैयार करने और अन्य सुधारों को लागू करने के लिए उसे अनिश्चितकालीन समय देगी।
शम्मी सिल्वा की समिति का इस्तीफा और पुराना विवाद
इस मौजूदा अंतरिम समिति को साल 2025 में चुनी गई कार्यकारी समिति की जगह लाया गया है, जिसके प्रमुख शम्मी सिल्वा थे। शम्मी सिल्वा का कार्यकाल अगले साल मई में समाप्त होना था, लेकिन सिल्वा और उनकी पूरी टीम ने कथित तौर पर राष्ट्रपति दिसानायाके के कहने के बाद इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति दिसानायाके ने इस समिति के कामकाज को लेकर अपनी असंतुष्टि जाहिर की थी।
श्रीलंका क्रिकेट और सरकार का यह विवाद पुराना है:
- साल 2024 का निलंबन: इससे पहले 2024 में तत्कालीन खेल मंत्री द्वारा शम्मी सिल्वा के प्रशासन को बर्खास्त करने के कारण आईसीसी ने श्रीलंका की सदस्यता को निलंबित कर दिया था।
- छिनी थी वर्ल्ड कप की मेजबानी: इस निलंबन के भारी नुकसान के रूप में श्रीलंका से आईसीसी अंडर-19 विश्व कप की मेजबानी छीन ली गई थी और इसे दक्षिण अफ्रीका को सौंप दिया गया था।
- अदालत के बाद हटा था बैन: हालांकि, बाद में श्रीलंका की एक स्थानीय अदालत द्वारा शम्मी सिल्वा को दोबारा एसएलसी के प्रमुख के रूप में बहाल किए जाने के बाद आईसीसी ने यह प्रतिबंध हटा लिया था।