जय शाह-बांग्लादेश टीम
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सुरक्षा को लेकर कोई विश्वसनीय खतरा नहीं: आईसीसी
आईसीसी की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि सभी स्वतंत्र और सरकारी सुरक्षा आकलनों पर गंभीरता से विचार करने के बाद यह निष्कर्ष निकला कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों, अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और प्रशंसकों की सुरक्षा को लेकर कोई भी विश्वसनीय या सत्यापित खतरा मौजूद नहीं है। आईसीसी ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य स्तर की कानून-व्यवस्था एजेंसियों के सहयोग से एक बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है, जिसकी विस्तृत जानकारी बीसीबी को पहले ही साझा की जा चुकी है।
टूर्नामेंट से ठीक पहले बदलाव संभव नहीं
आईसीसी बोर्ड का मानना है कि टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले शेड्यूल या वेन्यू में बदलाव करना व्यावहारिक नहीं है। प्रेस रिलीज में कहा गया कि बिना किसी ठोस सुरक्षा खतरे के मुकाबलों का स्थान बदलना भविष्य के आईसीसी आयोजनों के लिए गलत मिसाल कायम करेगा और वैश्विक क्रिकेट संस्था की निष्पक्षता व विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकता है।
बीसीबी की जिद बनी बाधा
आईसीसी ने यह भी कहा कि पिछले कई हफ्तों से बीसीबी के साथ लगातार संवाद और बैठकें की गईं ताकि बांग्लादेश की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। लेकिन इसके बावजूद बीसीबी अपने रुख पर अड़ा रहा और उसने अपनी भागीदारी को एक घरेलू लीग में अपने एक खिलाड़ी से जुड़े अलग और असंबंधित घटनाक्रम से जोड़ दिया, जिसका टूर्नामेंट की सुरक्षा व्यवस्था से कोई संबंध नहीं है। आईसीसी के प्रवक्ता ने कहा, 'आईसीसी के वेन्यू और शेड्यूल से जुड़े फैसले निष्पक्ष सुरक्षा आकलन, मेजबान देश की गारंटी और टूर्नामेंट की तय शर्तों पर आधारित होते हैं, जो सभी 20 भाग लेने वाली टीमों पर समान रूप से लागू होती हैं।'
आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और बांग्लादेश की टीम
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बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई आईसीसी बोर्ड की बैठक में सभी फुल मेंबर देशों के डायरेक्टर ने हिस्सा लिया। इसमें आईसीसी चेयरमैन जय शाह के अलावा, बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया, एसएलसी अध्यक्ष शम्मी सिल्वा, पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के चेयरमैन माइक बेयर्ड, जिम्बाब्वे क्रिकेट अध्यक्ष तवेंगा मुकुहलानी, क्रिकेट वेस्टइंडीज अध्यक्ष किशोर शैलो, क्रिकेट आयरलैंड के चेयरमैन ब्रायन मैकनीस, क्रिकेट न्यूजीलैंड के प्रतिनिधि रोजर ट्वास, इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन रिचर्ड थॉम्पसन, क्रिकेट साउथ अफ्रीका के प्रतिनिधि मोहम्मद मूसाजी और मीरवाइस अशरफ, क्रिकेट अफगानिस्तान के चेयरमैन शामिल रहे। इसके अलावा बैठक में आईसीसी प्रबंधन के शीर्ष अधिकारी और एंटी-करप्शन के हेड एंड्रयू एफग्रेव ने भी हिस्सा लिया।
बांग्लादेश की मांग खारिज, 24 घंटे में लेना होगा फैसला
ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार, 'आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) से बांग्लादेश सरकार को यह बताने के लिए कहा है कि अगर बांग्लादेश 2026 टी20 विश्व कप में अपने मैच खेलने के लिए भारत जाने से मना करता रहता है, तो उसकी जगह टूर्नामेंट में दूसरी टीम को शामिल किया जाएगा। यह फैसला वोटिंग के बाद लिया गया, जिसमें आईसीसी बोर्ड के ज्यादातर सदस्य रिप्लेसमेंट के पक्ष में थे। बीसीबी को भारत में खेलने के अपने रुख पर आईसीसी को जवाब देने के लिए एक और दिन का समय दिया गया है।'
मुस्तफिजुर रहमान
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मुद्दे की जड़: मुस्तफिजुर-IPL विवाद से उपजा तनाव
- इस विवाद की शुरुआत केकेआर द्वारा बांग्लादेश के स्टार पेसर मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से रिलीज करने के बाद हुई। इसके बाद सुरक्षा और टीम माहौल को लेकर बांग्लादेश में नए स्वर उभरे। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भारत यात्रा पर सुरक्षा आशंका जताते हुए कहा कि टीम को श्रीलंका में खेलना चाहिए। उनकी मांग यह थी कि बांग्लादेश को ग्रुप सी से हटाकर ग्रुप बी में भेजा जाए, क्योंकि ग्रुप बी के मैच श्रीलंका में खेले जा रहे हैं।
- मौजूदा शेड्यूल में बांग्लादेश अपने लीग मुकाबले कोलकाता और मुंबई में खेलेगा। बांग्लादेश टीम का पहला मुकाबला सात फरवरी को कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ होगा। इसके बाद टीम अपने दो और ग्रुप मैच कोलकाता में खेलेगी और अंतिम मैच मुंबई में होगा।
- इस बीच, बोर्ड अधिकारियों के बयान भी विवाद में घी डालने जैसे साबित हुए। नजरुल इस्लाम ने इस मामले पर अपने ही खिलाड़ियों को घेर लिया, जिससे वहां के खिलाड़ी नाराज हो गए और अपने ही बोर्ड के खिलाफ बगावत शुरू कर दी।
- हालांकि, बीसीबी के हस्तक्षेप के बाद और नजरुल के एक पद से इस्तीफे के बाद मामला कुछ शांत हुआ। हालांकि, बीसीबी की अकड़ नहीं गई और वह अभी भी अपनी मांग पर अड़ा हुआ है। नतीजतन, मीडिया में अटकलों का सिलसिला और तेज हो गया।
बांग्लादेश टीम
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क्या स्कॉटलैंड तैयार बैकअप?
बुधवार को एक रिपोर्ट सामने आई जिसमें कहा गया कि अगर बांग्लादेश भाग नहीं लेता है, तो स्कॉटलैंड को विश्व कप में मौका मिल सकता है। यह पहला मौका नहीं है जब ऐसा विकल्प देखा जा रहा है। साल 2009 में जब जिम्बाब्वे ने इंग्लैंड में हुए टी20 विश्व कप से हटने का निर्णय लिया था, तब स्कॉटलैंड को शामिल किया गया था। यदि बांग्लादेश अंतिम समय तक भारत जाने से इनकार करता है, तो उसकी जगह रैंकिंग के आधार पर स्कॉटलैंड को शामिल किया जाएगा। आईसीसी फिलहाल बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहा है।
बांग्लादेश टीम
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अब तक इस मामले में क्या-क्या हुआ?
बीसीबी का रुख: भारत नहीं, श्रीलंका में खेलने की मांग
- आईसीसी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच पिछले एक सप्ताह में दो से तीन दौर की बैठकें हुई हैं।
- शनिवार को ढाका में हुई बैठक में बीसीबी ने अपना रुख दोहराया था कि वे वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं, लेकिन भारत में नहीं।
- इसके बाद मंगलवार को बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने टी20 विश्व कप को लेकर दिए गए अल्टीमेटम पर क्रिकेट की वैश्विक संस्था आईसीसी को ही घेर लिया।
- नजरुल ने आसीसी को चेतावनी दी है और कहा है कि वह उनके दबाव के आगे नहीं झुकेगा। इसके लिए उन्होंने पाकिस्तान का भी उदाहरण गिया।
- नजरुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हमें स्कॉटलैंड को हमारी जगह शामिल किए जाने के बारे में कुछ भी पता नहीं चला है। यदि आईसीसी हमारे ऊपर दबाव डालता है या भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के आगे झुक जाता है और कोई अनुचित शर्तें थोपता है तो हम उन शर्तों को स्वीकार नहीं करेंगे।
- नजरुल ने कहा, 'ऐसे कई उदाहरण हैं जब भारत ने पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया और आईसीसी ने आयोजन स्थल बदल दिया। हमने भी तर्कसंगत कारण से आयोजन स्थल बदलने का अनुरोध किया है। वे अनुचित और तर्कहीन दबाव डालकर हमें भारत में खेलने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।'
- बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने श्रीलंका का विकल्प दिया, जो टी20 वर्ल्ड कप का सह-आयोजक भी है, लेकिन आईसीसी ने शेड्यूल और ग्रुपिंग में बदलाव से साफ इनकार कर दिया।
- बीसीबी की ओर से जताई गई मुख्य आपत्ति सुरक्षा को लेकर है। बोर्ड का कहना है कि भारतीय जमीन पर खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जोखिम है।
- हालांकि, आईसीसी इस पर सहमत नहीं है और उसका कहना है कि मौजूदा शेड्यूल ही लागू रहेगा और बांग्लादेश ग्रुप सी का हिस्सा बना रहेगा।
आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड
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आईसीसी का जवाब: सुरक्षा में कोई खास खतरा नहीं
- शनिवार को बैठक में आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को भरोसा दिलाया था कि सुरक्षा खतरे जैसी कोई गंभीर स्थिति नहीं है।
- एक स्वतंत्र सुरक्षा एजेंसी की रिपोर्ट के हवाले से आईसीसी ने बताया था कि भारत में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है और वहां सुरक्षा स्थिति उच्च श्रेणी की है।
- आईसीसी ने कहा था कि किसी भी टीम को लेकर कोई खास खतरा पहचान में नहीं आया है। इसके बावजूद बीसीबी अपनी मांग पर अड़ा हुआ है और विवाद करीब चार सप्ताह से जारी है।
- बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने पहली बार यह आपत्ति चार जनवरी को दर्ज कराई थी। इधर टूर्नामेंट शुरू होने में 20 से भी कम दिन शेष हैं। शुरुआती मुकाबले सात फरवरी से शुरू होने हैं।
टूर्नामेंट में कौन किस ग्रुप में?
- ग्रुप A: भारत, नामीबिया, नीदरलैंड्स, पाकिस्तान, अमेरिका
- ग्रुप B: ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, ओमान, श्रीलंका, जिम्बाब्वे
- ग्रुप C: बांग्लादेश, इंग्लैंड, इटली, नेपाल, वेस्टइंडीज
- ग्रुप D: अफगानिस्तान, कनाडा, न्यूज़ीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, यूएई
ग्रुप बदलने की मांग का मतलब है कि आईसीसी को ग्रुप-बी से किसी एक टीम को बाहर करके ग्रुप सी में भेजना पड़ेगा, जो कि एक जटिल प्रक्रिया है, क्योंकि यह प्रसारण, लॉजिस्टिक्स और निष्पक्षता से जुड़ा मामला है। बांग्लादेश का कहना है कि उसे आयरलैंड से ग्रुप-बी में रिप्लेस किया जाए। आयरलैंड को ग्रुप सी में स्थानांतरित किया जाए, क्योंकि आयरलैंड के मुकाबले श्रीलंका में होने हैं, लेकिन आईसीसी ने इस प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया।