उन्होंने कहा, 'उन्हें निश्चित तौर पर सरकार से भी सलाह मिलेगी कि भारत में मेजबानी करना सही होगा या नहीं। बीसीसीआई यदि अक्तूबर-नवंबर में मेजबानी करने में सफल रहता है तो इसे नौ स्थलों के बजाय मुंबई में तीन स्थलों पर आयोजित किया जा सकता है।' बीसीसीआई जिस एक अन्य मसले का सामना कर रहा है वह आईसीसी को वैश्विक प्रतियोगिताओं के लिए मिलने वाली छूट है। पता चला है कि बीसीसीआई सरकार के शीर्ष अधिकारियों से इसको लेकर चर्चा कर रहा है लेकिन इसका आसान समाधान संभव नहीं है।
एफटीपी पर भी होगी चर्चा
इसके अलावा 2023 से 2031 तक आठ वर्षों के लिए भविष्य के दौरा कार्यक्रम (एफटीपी) पर भी चर्चा होगी। इसमें द्विपक्षीय श्रृंखलाओं के अलावा आईसीसी की प्रमुख प्रतियोगिताएं भी शामिल हैं। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप को भी लेकर भी चर्चा होगी क्योंकि महामारी के कारण इसकी शुरुआती चैंपियनशिप में कुछ श्रृंखलाओं का आयोजन नहीं हो पाया था। आईसीसी इस खेल के वैश्विक विकास की रणनीति पर भी चर्चा करेगी जिसमें महिला क्रिकेट पर विशेष जोर दिया जाएगा। आईसीसी इस खेल को 104 देशों में समान रूप से फैलाना चाहता है।