आईसीसी ने 'नो बॉल' के लिए एक और परिस्थिति की घोषणा कर गेंदबाजों की बंदिशे बढ़ा दी हैं। नए नियम के तहत अगर कोई गेंदबाज गेंद फेंकने के समय नॉन स्ट्राइकर छोर के स्टंप को उखाड़ता है तो मैदान पर मौजूद अंपायर उस गेंद को ‘नो बॉल’ करार देगा।
आईसीसी का यह नियम टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट में 30 अप्रैल से लागू होंगे।
इस नए नियम के तहत पहला मैच जिम्बाब्वे और बांग्लादेश के बीच बुलावायो में तीन मई को खेला जाने वाला वनडे मैच होगा।
आईसीसी के प्रबंधक ज्योफ एलारडाइस ने कहा, 'वर्तमान समय में इस तरह की परिस्थिति में अंपायर इसे 'डेड बॉल' करार देता है, जो इसके लिए सही निर्णय नहीं है।'
मेलबर्न क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने हाल ही में निर्णय लिया है कि ऐसी गेंद को नो बॉल घोषित किया जाए और एक अक्टूबर 2013 से यह नया नियम लागू कर दिया है।
आईसीसी ने एमसीसी के निर्णय को ध्यान में रखते हुए सिफारिश की कि नए नो बॉल कानून को शीघ्र से शीघ्र अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में भी शामिल किया जाए।'
आईसीसी की मुख्य कार्यकारी समिति ने इस सिफारिश को मार्च में दुबई में हुई बैठक में अपनी मंजूरी दे दी।