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रफ्तार से समझौता नहीं करेगा टीम इंडिया का शमी

Wed, 30 Jan 2013 09:44 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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टीम इंडिया के उभरते तेज गेंदबाज शमी अहमद ने कहा कि वह गेंदबाजी में कभी अपनी गति से समझौता नहीं करेंगे। शमी ने साथ ही कहा कि गति के साथ ही लाइन और लेंग्थ तेज गेंदबाजी का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘मेरी गेंदबाजी में गति और स्विंग दो सबसे महत्वपूर्ण पहलू हैं। मैं जानता हूं कि लाइन और लेंग्थ भी काफी महत्व रखते हैं लेकिन मैं अपनी गति से कभी समझौता नहीं करूंगा क्योंकि इसी के सहारे मैं आज इस मुकाम तक पहुंचा हूं।’
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'मुझे अपनी क्षमता पर हमेशा भरोसा रहा'
शमी ने पाकिस्तान के खिलाफ वन-डे सीरीज में कैरियर के अपने पहले ही मैच में लगातार चार मेडन ओवर डालकर भारत की ओर से रिकॉर्ड बनाया था। इस बारे में पूछने पर समी ने कहा, ‘मेरे कप्तान ने जिस तरह की फील्डिंग मुझे दी थी मैंने उसी के अनुसार गेंदबाजी करने की कोशिश की। आप इस तरह की योजना नहीं बनाते लेकिन कई बार ऐसा हो जाता है। जो भी हो, मैं इससे बेहद खुश हूं। मुझे अपनी क्षमता पर हमेशा भरोसा रहा है और मैं हमेशा कठिन मेहनत करना चाहता हूं।’

'टीम के लिए चुना जाना आखिरी लक्ष्य'
इंग्लैंड के खिलाफ धर्मशाला में खेले गए अंतिम वन-डे के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा था कि टेस्ट टीम में चयन के लिए शमी को अभी और मेहनत की जरूरत है। हालांकि शमी ने कहा कि उनका आखिरी लक्ष्य टेस्ट टीम के लिए चुना जाना ही है।
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'धैर्य दिलाएगी मुझे सफलता'
बकौल शमी, ‘रणजी क्रिकेट खेलकर मुझे यह पता चल गया है कि इस प्रारूप के मैच में आपको संयम की जरूरत पड़ती है। वन-डे में आप गेंदबाजी में स्लोवर, बाउंसर और कई तरह के प्रयोग कर सकते हैं लेकिन इन मैचों में धैर्य ही सबसे महत्वपूर्ण होता है। इन मैचों में खेलने वाले बल्लेबाज भी काफी अनुभवी होते हैं। ऐसे में आपको बल्लेबाज द्वारा गलती करने का इंतजार करना पड़ता है।’
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शमी ने साथ ही कहा कि बंगाल टीम के अपने साथी गेंदबाज अशोक डिंडा के साथ होने के कारण उन्हें ड्रेसिंग रूम शेयर करने में कोई दिक्कत नहीं हुई।
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