कारपोरेट ट्रॉफी के दौरान अपने खराब व्यवहार के कारण बीसीसीआई की ओर से प्रतिबंध झेल चुके तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने खेद जताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी गलती फिर नहीं दोहराएंगे।
पूरे घटनाक्रम को याद करते हुए प्रवीण ने कहा, ‘इसमें गलती मेरे ही तरफ से हुई थी और जो कुछ भी हुआ वह नहीं होना चाहिए था। इस पूरे घटनाक्रम पर मुझ खेद है। मैंने इस घटना से अपने क्रोध को काबू में करना भी सीख लिया है।
मैदान पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते समय मुझे सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि जब चीजें आपके अनुरूप नहीं हो रहीं हों तो कभी-कभार यह हो जाता है।
इस घटना को अब मैं भूल चुका हूं और यह मेरे लिए इतिहास हो चुका है लेकिन भविष्य में ऐसा फिर न हो, इसके लिए पूरी कोशिश करूंगा।
उत्तर प्रदेश के मेरे अपने टीम के चार-पांच साथी हैं जो हमेशा मुझे सही और गलत की सीख देते रहते हैं।
सुदीप त्यागी, तन्मय श्रीवास्तव और सुरेश रैना मेरे लिए घरेलू माहौल बनाए रखते हैं और उनकी सलाह से मुझे हमेशा काफी मदद मिली है।’
दरअसल यह पूरा वाक्या कारपोरेट कप के दौरान इनकम टैक्स के खिलाड़ी अजितेश अर्गल को शार्ट पिच गेंद फेंकने के बाद हुआ। अर्गल ने प्रवीण के गेंद डालने के बाद अंपायर से कहा कि वह चेक करें, शायद यह नो बॉल है।
प्रवीण इस पर अपना आपा खो बैठे और मैदान पर ही अर्गल को गाली देने लगे। बाद में मैच रेफरी की शिकायत के बाद बीसीसीआई ने प्रवीण पर 10 फरवरी को प्रतिबंध लगा दिया और बोर्ड सचिव संजय जगदाले ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया।
बाद में प्रवीण द्वारा पूरे घटनाक्रम पर माफी मांगे जाने के बाद बीसीसीआई ने चेतावनी देते हुए उनसे प्रतिबंध हटा लिया।