ऑस्ट्रेलियाई स्टार तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा। उन्हें पहली बार एलन बॉर्डर पुरस्कार से नवाजा गया। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में अवॉर्ड जीतने के बाद स्टार्क ने अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर को याद किया।
ऑस्ट्रेलियाई स्टार तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा। उन्हें पहली बार एलन बॉर्डर पुरस्कार से नवाजा गया। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में अवॉर्ड जीतने के बाद स्टार्क ने अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर को याद किया।
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स्टार्क ने खुलासा किया कि एक समय वह ऐसी स्थिति में थे जब उन्होंने खेल को छोड़ने का मन बना लिया था। स्टार्क जिस काबिलियत के तेज गेंदबाज हैं, उसके हिसाब से वो उम्मीदों के अनुरूप विकेट नहीं ले पा रहे थे। वो मैदान पर काफी रन भी लुटा रहे थे। वहीं मैदान के बाहर उनके पिता भी कैंसर से जूझ रहे थे। बावजूद इसके स्टार्क 2020-21 टेस्ट सीरीज में भारत के खिलाफ लचर प्रदर्शन के बावजूद क्रिकेट में बने रहने में सफल रहे। हालांकि इसके बाद कैंसर के कारण उन्होंने अपने पिता को गंवा दिया।
स्टार्क ने एलन बॉर्डर पुरस्कार हासिल करने के बाद ‘फॉक्सस्पोर्ट्स डॉट कॉम डॉट एयू’ से कहा, ‘‘निश्चित रूप से पिछला साल मैदान के अंदर और बाहर बहुत ही मुश्किल रहा। मैं शायद उस तरह का क्रिकेट नहीं खेल रहा था जो मैं खेलना चाहता था और एक समय ऐसा भी था जब मैं शायद बिलकुल भी क्रिकेट नहीं खेलना चाहता था।’’