इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी भले ही वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद से लंदन में बस गए हों लेकिन उनका कहना है कि वह भगौड़ा नहीं है। मोदी ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा है कि वह अहम वजहों के कारण भारतीय जांच एजेंसियों के सामने पेश नहीं हो पाए हैं।
मोदी ने कहा कि मेरे भारत में न होने के पीछे कई अहम कारण हैं। प्रवर्तन निदेशालय और भारतीय पासपोर्ट कार्यालय ने मेरी सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई हैं।
उन्होंने मुझे मिली धमकियों को भी गंभीरता से नहीं लिया है। आईपीएल प्रमुख होने के दौरान भी मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त राकेश मारिया और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त देवान भारती ने मुझे जान से मारने के खतरे को लेकर आगाह किया था।
अप्रैल 2009 में मुंबई पुलिस ने मुझे कहा था कि मेरी जान को खतरा है। उस समय मैं दक्षिण अफ्रीका में था और आईपीएल के दूसरे सत्र के आयोजन को लेकर तैयारियां कर रहा था।
मुझे मुंबई पुलिस के शीर्ष अधिकारियों देवान भारती और राकेश मारिया ने कहा था कि उन्हें अपने विश्वस्त सूत्रों से इस बात की जानकारी मिली है कि अंडर वर्ल्ड के कुछ लोग मुझे मारने की साजिश कर रहे हैं, क्योंकि मैं क्रिकेट में गैर कानूनी गतिविधियों के खिलाफ था।
11 मई 2010 को मुंबई पुलिस ने मुझे दी गई सुरक्षा वापिस ले ली थी। इसके बाद 20 मई 2010 को पुलिस ने मेरे परिवार को दी गई सुरक्षा भी वापिस ले ली। इसीलिए मैंने देश छोड़ने का फैसला किया।