143 की स्ट्राइक रेट में टी-20 में
तीनों प्रारूपों में उनका सर्वश्रेष्ठ औसत टी20 में है जिसमें उन्होंने 33.25 की औसत और 143.52 केस्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। कार्तिक ने माना कि टीम से बाहर किए जाने से वह आहत हुए। उन्होंने कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं कि इससे मैं आहत हुआ था। मेरे अंदर हमेशा देश की तरफ से खेलने का जज्बा रहा है और उसमें अब भी कोई कमी नहीं आई है।’
वनडे विश्व कप में रहे थे फ्लॉप
कार्तिक को विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर कर दिया गया था लेकिन बेहतर विकेटकीपिंग कौशल के कारण उन्हें विश्व कप टीम में ऋ षभ पंत पर प्राथमिकता दी गई। शिखर धवन के चोटिल होने के बाद पंत भी विश्व कप टीम का हिस्सा बन गए थे। कार्तिक को विश्व कप में दो पारियां खेलने को मिली जिनमें वह प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। इनमें न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच भी शामिल है जिसमें तीन विशेषज्ञ विकेटकीपर (महेंद्र सिंह धोनी, कार्तिक और पंत) को अंतिम एकादश में रखने के लिए भारतीय टीम प्रबंधन की आलोचना भी हुई थी।
वापसी को लेकर परेशान नहीं
आईपीएल में कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान कार्तिक हालांकि टीम से बाहर होने पर दुखी नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरा करिअर उतार-चढ़ावों से भरा रहा। इससे मुझे काफी सीख मिली। यह (टीम से बाहर होना) मेरे लिए नया नहीं है, इसलिए मैं इस परिस्थिति में भी सहज महसूस कर रहा हूं।’ आईपीएल को कोविड-19 महामारी के कारण हालांकि अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।
कोरोना के खिलाफ जीतेंगे जंग
कार्तिक ने कहा, ‘अभी जो कुछ हो रहा है उसमें मैं आईपीएल के बारे में बहुत अधिक नहीं सोच रहा हूं। लॉकडाउन से पहले हालांकि मैंने आईपीएल के लिए वास्तव में कड़ी मेहनत की थी।’ लॉकडाउन के बारे में कहा कि खिलाड़ी इस तरह रहने के अभ्यस्त हैं। हम विदेशों में खेलने जाते हैं तो अपने होटल के कमरों में ही रहते हैं। फिर सारी दुनिया ही एक ही मकसद को लेकर इस समय घर में है। उम्मीद है कि हम इस वायरस को ही खत्म कर देंगे।
‘टी-20 विश्व कप ज्यादा दूर नहीं है और मैं जानता हूं कि अगर मैं अच्छा प्रदर्शन करता हूं तो टीम में जगह बना सकता हूं। मैं यह भी जानता हूं कि यह मुश्किल है। टीम मजबूत है लेकिन एक खिलाड़ी के रूप में बेहतर प्रदर्शन करना मेरा काम है।’-दिनेश कार्तिक