राहुल द्रविड़ ने 41 साल में प्रवेश करने के कुछ हफ्ते बाद ही 9 मार्च 2012 को संन्यास की घोषणा कर दी। कुछ माह बाद जब टीम इंडिया ने बेंगलुरु में टेस्ट मैच खेला तो वहां बीसीसीआई ने उन्हें सम्मानित किया। द्रविड़ ने हमेशा चकाचौंध से दूर रहना पसंद किया। 36 शतक, 63 अर्धशतक के बूते 13 हजार से ज्यादा रन बनाने वाले राहुल निर्विवाद रूप से तीसरे नंबर के सर्वकालिक महान खिलाड़ी हैं। वैसे तो कई पारियां उनके करियर को चमकदार बनाती है, लेकिन आज बात भारत के ऐतिहासिक पाकिस्तान दौरे की, जब 2003-04 में दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों की नई शुुरुआत हुई थी।