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पहले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए कैसे मिली धोनी को कप्तानी, सचिन ने किया खुलासा

Wed, 19 Aug 2020 06:58 AM IST
Rajeev Rai पीटीआई, नई दिल्ली
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धोनी-सचिन - फोटो : सोशल मीडिया
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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। इसके बाद से लगातार खिलाड़ी और प्रशंसक उन्हें लेकर अपनी यादें और अनुभव साझा कर रहे हैं। क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने भी अब धोनी से जुड़ी एक घटना का जिक्र किया है। उन्होंने धोनी के कप्तान बनने के पीछे की कहानी बताई है।

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सचिन ने कहा कि स्लिप में खड़े रहकर महेंद्र सिंह धोनी के क्रिकेटिया कौशल को अच्छी तरह से परखने का मौका मिला जिससे उन्हें लगा कि वह भारतीय कप्तानी के लिए तैयार हैं. इसके बाद 2007 में जब भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने उनसे सलाह मांगी तो इस स्टार बल्लेबाज ने इस विकेटकीपर का नाम सुझाया था।

तेंदुलकर, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ ने उस साल पहले आईसीसी टी-20 विश्व कप में जूनियर खिलाड़ियों को मौका देने का निर्णय किया और बीसीसीआई ने तब मास्टर ब्लास्टर से कप्तानी के लिए अपनी पसंद बताने के लिए कहा था।
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तेंदुलकर ने हाल में संन्यास लेने वाले पूर्व भारतीय कप्तान के बारे में पीटीआई को दिए गए साक्षात्कार में कहा, ‘मैं इसके विस्तार में नहीं जाऊंगा कि यह कैसे हुआ, हां लेकिन जब मुझसे बीसीसीआई के शीर्ष पदाधिकारियों ने पूछा तो मैंने बताया कि मैं क्या सोचता हूं।’

उन्होंने कहा, ‘मैंने कहा था कि मैं दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर नहीं जाऊंगा क्योंकि मैं तब कुछ चोटों से परेशान था। लेकिन तब मैं स्लिप कॉर्डन में क्षेत्ररक्षण करता था और धोनी से बात करता रहता था, मैं देखता था कि वह क्या सोच रहा है। क्षेत्ररक्षण कैसे होना चाहिए जैसे तमाम पहलुओं पर मैं उससे बात करता था।’

तेंदुलकर ने कहा, ‘मैंने उसकी मैच की परिस्थितियों के आकलन करने की क्षमता देखी और इस नतीजे पर पहुंचा कि उसके पास बहुत अच्छा क्रिकेटिया दिमाग है, इसलिए मैंने बोर्ड को बताया कि मुझे क्या लगता है। धोनी को अगला कप्तान बनाया जाना चाहिए।’ तेंदुलकर ने कहा कि वह धोनी की हर किसी को अपने फैसले के लिए मना देने की क्षमता से प्रभावित थे।

उन्होंने कहा, ‘मैं जो कुछ सोच रहा था और उसकी जो सोच थी, वह काफी हद तक मिलती जुलती थी। अगर मैं आपको किसी बात के लिए मना लेता हूं तो हमारी राय एक जैसी हो जाएगी और धोनी के साथ यह बात थी। हम दोनों एक तरह से सोचते थे और इसलिए मैंने उनके नाम का सुझाव दिया।’

धोनी को 2008 में तब टेस्ट कप्तानी सौंपी गई थी जब भारतीय टीम में तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह और जहीर खान जैसे सीनियर क्रिकेटर शामिल थे। तेंदुलकर से पूछा गया कि धोनी सीनियर खिलाड़ियों को कैसे साथ लेकर चलते थे, उन्होंने कहा, ‘मैं केवल अपनी बात कर सकता हूं कि मेरी कप्तान बनने की कोई इच्छा नहीं थी। मैं आपसे यह कह सकता हूं कि मैं कप्तानी नहीं चाहता था और मैं टीम के लिए हर मैच जीतना चाहता था।’

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