फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोच लैंगर को याद आया करियर का मुश्किल दौर, भारत से सीरीज हार को बताया सबसे खराब पल

Sun, 12 Apr 2020 04:39 AM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
जस्टिस लैंगर - फोटो : social media
विज्ञापन

भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज में मिली अभूतपूर्व हार ऑस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर के लिए जैसे नींद से जगाने वाली रही। उनका मानना है कि वह सीरीज उनके कोचिंग करिअर का निर्णायक दौर भी रही। लैंगर को मई 2018 में ऑस्ट्रेलिया का कोच बनाया गया था। उसी समय कप्तान स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर गेंद से छेड़खानी मामले में प्रतिबंधित हो गए थे। अपने स्टार बल्लेबाजों के बिना ऑस्ट्रेलियाई टीम 2018-19 सीरीज में भारत के सामने टिक नहीं सकी। घरेलू धरती पर यह ऑस्ट्रेलिया की भारत के खिलाफ पहली सीरीज हार रही। भारतीय टीम चार मैचों की सीरीज 2-1 से जीतने में सफल रही।  

विज्ञापन


लैंगर ने ऑस्ट्रेलियाई असोसिएट प्रेस को एक पॉडकास्ट में कहा, ‘यह मेरे जीवन का सबसे कठिन दौर रहा। मुझे इसमें कोई शक नहीं कि दस साल बाद जब मैं अपने कोचिंग करिअर की समीक्षा करूंगा तो वह सीरीज निर्णायक साबित होगी।’ उन्होंने अपने करिअर के एक और कठिन दौर का जिक्र किया जब 2001 एशेज सीरीज में उन्हें टीम से निकाल दिया गया था।’ अक्सर तीसरे नंबर पर खेलने वाले लैंगर को बाद में सीरीज में मैथ्यू हेडन के साथ ओपनिंग करने का मौका मिला जो उनके करिअर के लिए निर्णायक साबित हुआ। बाद में वह ओपनिंग पर शानदार बल्लेबाज साबित हुए जिन्होंने अपनी 23 में से 16 टेस्ट शतक पारी की शुरुआत करते हुए बनाए।

मुश्किल दौर सिखाता है अहम सबक
लैंगर ने कहा, जब 2001 में 31 साल की उम्र में मैं टीम से हटा दिया गया था तो मैंने सोचा कि यह करिअर का अंत हो गया पर दरअसल यही से एक क्रिकेटर बनने की शुरुआत हुई। इस पूर्व सलामी बल्लेबाज का यह मानना है कि मुश्किल हालात जिंदगी के महत्वपूर्ण सबक सिखाते हैं। आपको इन मौकों को गंवाना नहीं चाहिए। जैसे इस समय हम कोरोना वायरस के वैश्विक संकट से गुजर रहे हैं या जैसे गेंदबाजी छेड़खानी प्रकरण के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम गुजरी थी।   

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें