आरपी सिंह, यानी वह नाम जिसे पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बेहद नजदीकियों में गिना जाता रहा है। माही ने जिन चुनिंदा दोस्तों को अपनी शादी में शरीक किया था आरपी उन्हीं में से एक थे। उत्तरप्रदेश के रायबरेली से आने वाले रूद्र प्रताप सिंह बतौर पेसर अपनी वह धाक नहीं जमा पाए, जितने वो काबिल थे।
2007 में धोनी की अगुवाई वाली टी-20 विश्व विजेता टीम के अहम सदस्य रहे आरपी आईपीएल का बड़ नाम रहे। बीते वर्ष हमेशा-हमेशा के लिए क्रिकेट को अलविदा कहकर कमेंट्री और कोचिंग में हाथ आजमाने वाले रूद्र ने आकाश चोपड़ा से कई बातें साझा की।
आरपी सिंह की माने तो उनकी और धोनी की दोस्ती और मजबूत रिश्ता पहले की ही तरह आज भी कामय है। आज भी दोनों परिवार साथ में समय गुजारते हैं। छुट्टियां बीताते हैं। वह टीम के कप्तान बन गए और उनका ग्राफ बढ़ता चला गया जबकि मेरा ग्राफ नीचे आता चला गया। एक बार टीम से बाहर होने के बाद आरपी कभी वापसी नहीं कर पाए। जबकि आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन खास ही रहा।
उन्होंने कहा आईपीएल के शुरुआती तीन-चार सीजन में मैं सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज था, लेकिन फिर भी मुझे टीम में नहीं चुना गया। हो सकता है कप्तान को मुझ पर भरोसा नहीं था या शायद मेरे प्रदर्शन में कमी रही हो। इस बारे में जब भी मैं चयनकर्ताओं से बात करता तो जवाब मिलता कि कड़ी मेहनत करते रहो तुम्हारा भी वक्त आएगा। आरपी सिंह ने भारत के लिए 14 टेस्ट, 58 वन-डे और 10 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले।