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10 मैच से नहीं आया था अर्धशतक: 91 रन की पारी के बाद छलके हरमनप्रीत कौर के आंसू, बताया कैसे लौटा आत्मविश्वास

Tue, 20 Oct 2026 10:58 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, रायपुर

सार

जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 में 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन की तूफानी पारी खेलने के बाद हरमनप्रीत कौर भावुक हो गईं। पिछले 10 मैचों में अर्धशतक नहीं लगा सकीं हरमनप्रीत ने अपनी शानदार वापसी का श्रेय बल्लेबाजी कोच और पूर्व कोच डब्ल्यूवी रमन को दिया। भारत ने यह मुकाबला 92 रनों से जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की।
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हरमनप्रीत कौर - फोटो : BCCI Women
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जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे और आखिरी टी20 मुकाबले में बल्ले से धमाका करने के बाद भारतीय क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर भावुक हो गईं। लंबे समय से रनों के लिए संघर्ष कर रहीं हरमनप्रीत ने मंगलवार को रायपुर में 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने जिम्बाब्वे को 92 रनों से हराकर तीन मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। हालांकि, इस शानदार प्रदर्शन के बाद जब वह पूर्व भारतीय महिला टीम के कोच डब्ल्यूवी रमन से बात कर रही थीं, तो अपने आंसू नहीं रोक सकीं। हरमनप्रीत ने इस दौरान अपनी बल्लेबाजी में सुधार का श्रेय अपने बल्लेबाजी कोच और डब्ल्यूवी रमन को भी दिया।
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हरमनप्रीत कौर - फोटो : BCCI Women
10 मैचों से नहीं आया था अर्धशतक, वापसी के बाद छलके आंसू
हरमनप्रीत कौर के लिए यह पारी सिर्फ एक बड़ी पारी नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बाद वापसी का संकेत भी थी। वह अपने पिछले 10 मैचों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा सकी थीं। महिला टी20 एशिया कप में भी उनका बल्ला खामोश रहा था, जबकि एशियन गेम्स में भारतीय टीम की खिताबी जीत के दौरान उन्हें बल्लेबाजी के ज्यादा मौके नहीं मिले।

जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 में हरमनप्रीत ने अपनी पुरानी आक्रामक शैली में बल्लेबाजी की और मैदान के चारों ओर शानदार शॉट लगाए। पारी के बाद ब्रॉडकास्टर से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह सिर्फ अपने खेल का आनंद लेना चाहती थीं और उन्हें क्रीज पर पर्याप्त समय मिलने की खुशी है। हालांकि, बाद में डब्ल्यूवी रमन के साथ बातचीत के दौरान हरमनप्रीत भावुक हो गईं। रमन भारतीय महिला टीम के पूर्व मुख्य कोच भी रह चुके हैं।

हरमनप्रीत कौर - फोटो : BCCI Women
डब्ल्यूवी रमन की बात ने बढ़ाया हौसला
इंटरव्यू के दौरान हरमनप्रीत ने डब्ल्यूवी रमन को खास तौर पर धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि रमन ने उनसे कहा था कि अब वह अपनी मर्जी से खेलें और अपने खेल का आनंद लें। हरमनप्रीत ने कहा, 'मैं बस अपने खेल का आनंद लेना चाहती थी और ज्यादा से ज्यादा देर तक बल्लेबाजी करना चाहती थी। मुझे खुशी है कि मैं ऐसा कर सकी। इसका श्रेय आपको भी जाता है।' उन्होंने आगे बताया कि जब रमन उनसे मिले, तो उन्होंने कहा कि अब वह वही करें जो करना चाहती हैं। हरमनप्रीत के मुताबिक, वह इसी सोच के साथ मैदान पर उतरीं और खुलकर बल्लेबाजी की। बातचीत के दौरान उनकी आंखें भर आईं और वह अपने आंसुओं को रोक नहीं सकीं।

बल्लेबाजी कोच को भी दिया शानदार पारी का श्रेय
हरमनप्रीत ने अपनी वापसी के पीछे नेट्स में की गई मेहनत को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स के बाद उन्हें अभ्यास के लिए समय मिला और उन्होंने अपनी बल्लेबाजी पर काफी काम किया। उन्होंने अपने बल्लेबाजी कोच का आभार जताते हुए कहा कि वह उन पर काफी मेहनत कर रहे हैं और जिम्बाब्वे के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी का श्रेय भी उन्हें जाता है। 37 वर्षीय हरमनप्रीत ने अपनी पारी में 10 चौके और पांच छक्के लगाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय पारी को नई गति दी और टीम को 216 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

हरमनप्रीत-शेफाली - फोटो : BCCI Women
शेफाली के साथ हरमनप्रीत ने मचाया धमाल
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को शेफाली वर्मा और अनुष्का शर्मा ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 32 गेंदों पर 54 रन जोड़े। अनुष्का ने 20 गेंदों पर 28 रन बनाए, जबकि शेफाली ने 37 गेंदों पर 69 रनों की विस्फोटक पारी खेली। शेफाली ने लगातार दूसरा अर्धशतक लगाया। उनके आउट होने के बाद हरमनप्रीत ने मोर्चा संभाला और पांच छक्कों की मदद से जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। भारत ने आखिरी पांच ओवरों में चार विकेट गंवाकर 62 रन बटोरे और निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 216 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम सात विकेट पर 124 रन ही बना सकी। भारत ने मुकाबला 92 रनों से जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली।
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हरमनप्रीत और दीप्ति - फोटो : BCCI Women
कप्तानी छोड़ने के बाद हरमनप्रीत की दमदार वापसी
जिम्बाब्वे सीरीज से पहले हरमनप्रीत कौर ने सभी प्रारूपों में भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ दी थी। ऐसे में उनकी यह पारी व्यक्तिगत तौर पर भी काफी अहम मानी जा रही है। लंबे समय से बड़ी पारी का इंतजार कर रहीं हरमनप्रीत ने न सिर्फ अपने पुराने अंदाज की झलक दिखाई, बल्कि आगामी महत्वपूर्ण मुकाबलों से पहले आत्मविश्वास भी हासिल किया।
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