अंतिम ओवर फेंके जाने से पहले जब किसी को अंदाजा नहीं था कि मैच किसके पक्ष में जा रहा है ऐसे में कप्तान धोनी की एक सलाह हार्दिक पांड्या के काम आ गई।
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रविवार को बांग्लादेश के खिलाफ अंतिम गेंद पर रोमांचक जीत के बाद अपने गेंदबाज हार्दिक पांड्या से बेहद खुश हैं। हो भी क्यों न पाड्या ने अंतिम ओवर में दबाव के बीच अपना संयम जो बनाए रखा और उन निर्देशों को अमल में लाए जो कप्तान ने उन्हें दिए थे। धोनी ने हार्दिक से कहा था कि यार्कर मत फेंक देना क्योंकि वह फुलटॉस में बदल सकती है।
कप्तान धोनी ने कहा कि एक बात तो हमने हार्दिक से कह दी थी बस यार्कर मत फेंकना। वाइड से भी बचना था। हमने जैसी योजना बनाई फील्डिंग भी वैसी ही सजाई और यही चीजें क्लिक कर गई लेकिन योजना तभी अच्छी लगती है जब उसे सही तरीके से लागू किया जाए और बुधवार को सबने मिलकर यही किया।
धोनी के मैच के दौरान दबावपूर्ण क्षणों में आशीष नेहरा के साथ खासा विचार-विमर्श हुआ। धोनी ने कहा, "मैं सारी बातें नहीं बता सकता लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि अंतिम ओवर से पहले हमने विचार-विमर्श किया। मनन इस बात पर हुआ किस लंबाई और दिशा से गेंद फेंकी जाए। मैं एक बात जानता था कि 20वां ओवर शुरू होने के बाद आप कितना ही समय लो आप पर जुर्माना नहीं होगा।"
धोनी ने बांग्लादेशी बल्लेबाज महमुदुल्लाह के प्रति भी हमदर्दी जताई। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा होता है कि आप बड़ा शॉट खेलकर मैच खत्म करना चाहते हो। जब आपके पास विकेट होते हैं तो आप सोचते हो दूसरे तो हैं ही लेकिन ऐसा होता है। महमुदुल्लाह को यह सीख मिली हो लेकिन यही तो क्रिकेट है। यदि वह छक्का चला जाता तो क्या लाजवाब और साहसिक शॉट होता। एक कमेंटेटर बाद में आसानी से कह सकते हैं यह शॉट खराब था या अच्छा। धोनी ने अपने तेज गेंदबाज बुमराह की भी बेहद तारीफ की जिन्होंने 19वां ओवर फेंका था।