हार्दिक पांड्या ने टी-20 विश्व कप 2021 में गेंदबाजी न करने को लेकर बात की है। उन्होंने कहा कि उन्हें एक बल्लेबाज के रूप में टीम में चुना गया था और एक मैच में उनसे गेंदबाजी कराई गई, जहां उन्हें यह जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए थी। वहीं बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने कहा था कि पांड्या को एक ऑलराउंडर के रूप में चुना गया है और वह हर मैच में अपने चार ओवर फेंकेंगे। ऐसे में हार्दिक ने अपने बयान में चेतन शर्मा को गलत साबित कर दिया है।
इससे पहले विराट कोहली ने अपने बयान में सौरव गांगुली को झूठा साबित किया था। गांगुली ने विराट को वनडे की कप्तानी से हटाने के बाद कहा था कि विराट से बात करने के बाद ही यह फैसला लिया गया है। उनके टी-20 कप्तानी छोड़ने से पहले भी चयनकर्ताओं ने उन्हें फिर से विचार करने को कहा था, लेकिन विराट नहीं माने। वहीं विराट ने वनडे की कप्तानी जाने के बाद कहा था कि कप्तानी छीने जाने से डेढ़ घंटे पहले उन्हें इस बारे में बताया गया था। विराट के बयान ने गांगुली को झूठा साबित कर दिया था। हालांकि बाद में गांगुली ने इस मामले को तूल नहीं दिया।
हार्दिक बोले पूरा दोष मुझ पर डाला गया
टी-20 विश्व कप में भारतीय टीम ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई थी और टीम चयन पर भी सवाल उठे थे। इसके बाद हार्दिक को काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी। इस मामले पर बोरिया मजूमदार के साथ बातचीत में हार्दिक ने कहा "विश्व कप में हम जिस स्थिति में थे, मुझे लगा कि सारा दोष मुझ पर डाल दिया गया है। मुझे एक बल्लेबाज के रूप में टीम में चुना गया था। मैंने पहले मैच में गेंदबाजी करने के लिए कड़ी मेहनत की, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सका। मैंने दूसरे मैच में गेंदबाजी की, जब मुझे नहीं करना चाहिए था।”
ऑलराउंडर के रूप में खेलना चाहते हैं हार्दिक
भारतीय टीम से बाहर चल रहे हार्दिक ने इकोनॉमिक टाइम्स से कहा “मैं एक ऑलराउंडर के रूप में खेलना चाहता हूं। अगर कुछ खराब होता है तो मुझे नहीं पता लेकिन मेरी तैयारी ऑलराउंडर के तौर पर खेलने की है। मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं और आखिरकार समय बताएगा कि क्या होता है। मेरा मुख्य उद्देश्य विश्व कप आने तक लय हासिल करना है। मैं पूरी ट्रेनिंग, प्लानिंग, तैयारी वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर कर रहा हूं। मैं देश के लिए विश्व कप जीतना चाहता हूं। यह मुझे वास्तव में खुश और गौरवान्वित करेगा। यह मेरे लिए एक जुनून की तरह है।”