मोहाली टेस्ट शुरू होने से पहले ही हरभजन सिंह की शारीरिक भाषा बता रही थी कि इस टेस्ट के लिए टीम में चयन को लेकर पक्के नहीं हैं। फार्म में चल रहे प्रज्ञान ओझा की कीमत पर उन्हें पिछले दो टेस्ट में मौका मिला लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा सके।
विकेट पर नजर आ रही दरारों को देखते हुए कप्तान को आखिरकार ओझा को वापस बुलाना पड़ा। हरभजन को उनके घरेलू मैदान पर ही बाहर बैठना पड़ गया। इस सीरीज का समापन दिल्ली टेस्ट से हो रहा है।
हरभजन की अगर अगले टेस्ट में वापसी नहीं हुई तो उनका टेस्ट कैरियर पूरी तरह खतरे में जाता नजर आ रहा है। इस श्रृंखला के बाद अगली टेस्ट श्रृंखला नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वहीं होनी है। इस देश के विकेट अपनी तेजी के लिए मशहूर हैं। वहां एक से ज्यादा स्पिनर खेलने की गुंजाइश कम है। ऐसे में हरभजन की वापसी टेढ़ी खीर दिखाई दे रही है।
हरभजन के साथ वीरेंद्र सहवाग और युवराज सिंह का नाम भी शामिल है। सहवाग की पिछले टेस्ट में विदाई हो चुकी है युवराज को वन डे क्रिकेटर बना दिया गया है और अब हरभजन भी बाहर हैं। लंबे अर्से बाद इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में बुलाए गए हरभजन इस श्रृंखला को मिलाकर कुल तीन टेस्ट खेले हैं लेकिन उनके हिस्से में महज सात विकेट आए हैं।
प्रज्ञान ओझा इंग्लैंड के खिलाफ 20, अश्विन इस श्रृंखला में 19 व पार्ट टाइमर माने जाने वाले रवींद्र जडेजा 13 विकेट ले चुके हैं। ऐसे में हरभजन पर दबाव बनना स्वभाविक है।