भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में रवींद्र जडेजा के साथ ही कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव को प्लइंग-11 में शामिल करने के पक्ष में हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 20 जून से लीड्स में होगा। आमतौर पर लीड्स की पिच स्पिनरों की तुलना में तेज गेंदबाजों के लिए अधिक मददगार होती है।
जडेजा-कुलदीप को बताया मैच विजेता खिलाड़ी
हरभजन का कहना है कि परिस्थितियां जो भी हो कुलदीप मैच विजेता हैं। हरभजन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, भारत को कुलदीप यादव को खिलाने के बारे में सोचना चाहिए। जाहिर है कि जडेजा भी उनके साथ गेंदबाजी करेंगे। इस मैच के लिए तीन तेज गेंदबाज और दो स्पिनर सही रहेंगे। देखना होगा कि परिस्थितियां बदलेंगी या स्पिनरों की मददगार होंगी, लेकिन अगर ऐसा नहीं भी होता है तो मुझे लगता है कि ये दोनों गेंदबाज सक्षम हैं जो किसी भी पिच पर विकेट निकाल सकते हैं।
हरभजन ने 2002 दौरे का जिक्र किया
अपने अनुभव को साझा करते हुए हरभजन ने याद किया कि किस तरह भारत ने 2002 में हेडिंग्ले में दो स्पिनरों को उतारने का फैसला लिया था। उस वक्त हरभजन और अनिल कुंबले साथ में खेले थे और दोनों ने ग्रीन पिच पर 11 विकेट झटके थे। हरभजन ने कहा, उस वक्त वो एक अलग ही फैसला था। पिच इतनी हरी थी कि लग रहा था कि हम घास पर खड़े हैं, लेकिन टीम प्रबंधन ने दो स्पिनरों और दो तेज गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला किया, जबकि संजय बांगड़ भी गेंदबाजी कर लेते थे। हम पांच सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के साथ उतरे थे, जो विकेट ले सकते हैं। अंत में यही मायने रखता है। आपको ऐसे गेंदबाजों का समर्थन करना चाहिए जो किसी भी परिस्थिति और किसी भी पिच पर विकेट ले सके।
भज्जी बोले- नीतीश के मुकाबले शार्दुल का पलड़ा भारी
शार्दुल ठाकुर ने इंट्रा स्क्वाड मैच में शतक लगाया और विकेट भी लिए, इसे देखते हुए हरभजन को भरोसा है कि तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर स्थान के लिए नीतीश रेड्डी की तुलना में शार्दुल का पलड़ा भारी है। हरभजन ने कहा, भारत को ऐसे गेंदबाज की जरूरत है जो बल्लेबाजी भी कर सके। भारत का बल्लेबाजी आक्रमण ऐसा होना चाहिए जिसमें सातवें या आठवें नंबर पर बल्लेबाज हों। आपको ऐसे खिलाड़ी देखने होंगे जो गेंदबाजी करे और विकेट भी निकाल सके तथा थोड़ी बहुत बल्लेबाजी भी कर ले। ऐसा नहीं कि सिर्फ बल्लेबाजी करे और थोड़ी गेंदबाजी भी कर पाए। इस जगह नीतीश की तुलना में शार्दुल का पलड़ा भारी है। नीतीश एक पूर्णकालिक बल्लेबाज हैं जो गेंदबाजी भी कर सकते हैं, लेकिन हमने आईपीएल में उन्हें ज्यादा गेंदबाजी करते नहीं देखा। गौतम गंभीर ऐसे कोच हैं जिनके पास क्षमता है और मुझे यकीन है कि वह सही फैसला लेंगे।
सरफराज के बाहर होने पर जताई निराशा
हरभजन ने सरफराज खान को टेस्ट टीम से बाहर किए जाने पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं उनका नाम टीम में नहीं देखकर थोड़ा हैरान हूं। मुझे यकीन है कि वह मजबूती से वापसी करेंगे। उनमें वापसी करने की इच्छाशक्ति है। मैं बस इतना कह सकता हूं कि निराश मत होना, आपको आज नहीं तो कल आपका हक मिलेगा। करुण नायर को देखिए। नायर ने इंग्लैंड के खिलाफ 300 रन बनाए और फिर उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। अब वह टीम के साथ इंग्लैंड में वापस आ गए हैं।