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Harbhajan Singh Retirement: जब 20 साल के गेंदबाज के आगे घुटने टेकने पर मजबूर हो गई थी ऑस्ट्रेलियाई टीम, ये हैं हरभजन के पांच बड़े स्पेल

Fri, 24 Dec 2021 03:32 PM IST
ओम. प्रकाश स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत के अनुभवी स्पिन हरभजन सिंह ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। वह 23 साल तक क्रिकेट में सक्रिय रहे। उन्होंने भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 711 विकेट झटके। अनिल कुंबले के साथ उनकी स्पिन जोड़ी खूब जमी। 
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हरभजन सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी स्पिनर हरभजन सिंह ने क्रिकेट के सभी पारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। वह भारत के लिए 23 साल तक खेले। अपने क्रिकेट करियर में हरभजन सिंह काफी सफल रहे। टेस्ट क्रिकेट में आज भी वह भारत की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज हैं। संन्यास की घोषणा करते हुए हरभजन सिंह ने कहा, सभी अच्छी चीजें समाप्त हो जाती हैं और आज जब मैं उस खेल को अलविदा कह रहा हूं जिसने मुझे जीवन में सब कुछ दिया है, मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इस 23 साल की लंबी यात्रा को सुंदर और यादगार बनाया। इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह भारत के सबसे शानदार ऑफ स्पिनर रहे। आइए हम आपको हरभजन सिंह के पांच यादगार स्पेल के बारे में बताते हैं।

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6/73 विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया, टेस्ट, 2001

साल 2001 में स्टीव वॉ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलियाई टीम तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने भारत आई। कोलकाता टेस्ट मैच से पहले कंगारू टीम 16 मुकाबले लगातार जीत चुकी थी। ईडन गार्डन्स कोलकाता में खेले गए दूसरे टेस्ट में हरभजन सिंह ने इतिहास रच दिया।  भारत ने फॉलोऑन करते हुए इस मुकाबले में 657 रन बनाए। कंगारू टीम को मैच जीतने के लिए 384 रनों की दरकार थी। दूसरी पारी में हरभजन सिंह ने कमाल की गेंदबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को बैक फुट कर धकेल दिया। टर्बनेटर ने इस मुकाबले में न सिर्फ हैट्रिक ली बल्कि 73 रन देकर 6 विकेट लिए। इस मैच में हरभजन भारत की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज बने थे।  



8/84 विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया, टेस्ट, 2001

इस सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकबला चेन्नई में खेला गया। पहली पारी में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 391 रन बनाए। कंगारू टीम के पहली इनिंग्स में हरभजन सिंह 7 विकेट लेने में सफल रहे। जवाब में भारत ने अपनी पहली पारी में 501 रनों का स्कोर किया। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी इनिंग्स में हरभजन सिंह ने मारक गेंदबाजी करते हुए 84 रन देकर आठ विकेट झटके। यह हरभजन सिंह का कमाल था जो भारत इस मुकाबले को दो विकेट से जीतने में सफल रहा. 
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5/31 विरुद्ध इंग्लैंड, वनडे, 2006

साल 2006 में इंग्लैंड की टीम भारत दौरे पर आई। पहले एकदिवसीय मैच में टीम इंडिया बैटिंग करते हुए 203 रनों पर ढेर हो गई। भारत को मैच जीतने के लिए किसी चमत्कार की  जरूरत थी। वह हरभजन सिंह ने कर दिया। उन्होंने खतरनाक गेंदबाजी करते हुए 31 रन देकर इंग्लैंड के पांच विकेट झटके। उनकी इस शानदार गेंदबाजी के चलते इंग्लैंड अपनी पारी में 164 रनों पर ढेर हो गया। भारत ने यह मुकाबला 39 रनों से अपने नाम किया। 

5/29 विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया, टेस्ट 2004

भारत औऱ ऑस्ट्रेलिया के बीच यह अब तक का सबसे रोमांचक टेस्ट मैच जाना जाता है। भारतीय टीम इस मुकाबले में अपनी पहली पारी में 104 रन बना पाई। वहीं, जवाब में कंगारू टीम ने अपनी पहली इनिंग्स में 203 रन बनाए और उसे 99 रनों की बढ़त हासिल हुई। दूसरी पारी में भारत थोड़ा बेहतर खेला और 205 रन बनाने में सफल रहा। ऑस्ट्रेलिया को मैच जीतने के लिए 107 रनों की दरकार थी। इसके बाद हरभजन सिंह ने अपनी जादुई गेंदबाजी का कमाल दिखाया। हरभजन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 29 देकर 5 विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया की टीम 93 रनों पर ढेर हो गई। भारत यह मुकाबला 13 रनों से जीतने में सफल रहा। 

4/12 विरुद्ध इंग्लैंड, टी-20 इंटरनेशनल, 2012

हरभजन सिेंह ने सिर्फ टेस्ट और वनडे में ही कमाल की गेंदबाजी नहीं की है। साल 2012 टी-20 विश्व कप में भारत इंग्लैंड के खिलाफ खेल रहा था। भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 170 रन बनाए। रोहित शर्मा ने शानदार अर्धशतक लगाया। बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम हरभजन सिंह के आगे टिक नहीं पाई। उन्होंने खतरनाक बॉलिंग करते हुए 12 रन देकर 4 विकेट लिए। इंग्लैंड की टीम इस मुकाबले में 80 रनों पर ढेर हो गई। भारत ने यह मैच 90 रनों से जीता। 

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