लंबे समय तक भारतीय टीम से बाहर रहने के बाद ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने संन्यास का एलान कर दिया है। भज्जी पहले भारतीय गेंदबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक ली थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 में रिकी पॉन्टिंग, एडम गिलक्रिस्ट और शेन वॉर्न को आउट करके अपनी हैट्रिक पूरी की थी। हरभजन के बाद इरफान पठान और जसप्रीत बुमराह ने भी यह कारनामा किया। भज्जी टेस्ट में भारत के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक हैं। वो टेस्ट में 400 से ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय स्पिन गेंदबाज हैं।
भज्जी दूसरे भारतीय गेंदबाज हैं, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 700 से ज्यादा विकेट हासिल किए हैं। उनसे पहले अनिल कुंबले इस मुकाम पर पहुंचे थे। 1998 में भारत के लिए पहला मैच खेलने के बाद भज्जी ने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए और कुछ खास उपलब्धियां भी हासिल की। वो 2007 टी-20 वर्ल्डकप और 2011 वनडे वर्ल्डकप जीतने वाली टीम में भी शामिल थे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैच में 32 विकेट झटके
हरभजन ने 1998 में डेब्यू करने के तीन साल बाद अपनी खास पहचान बनाई थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में उन्होंने 32 विकेट अपने नाम किए थे। इस सीरीज के दूसरे मैच में भज्जी ने हैट्रिके लेकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया था। उन्होंने रिकी पॉन्टिंग, एडम गिलक्रिस्ट और शेन वॉर्न को आउट करके अपनी हैट्रिक पूरी की थी। पहली पारी में उन्होंने 123 रन देकर सात विकेट लिए थे। वहीं दूसरी पारी में 73 रन देकर छह विकेट लिए थे।
हरभजन के इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने फॉलोऑन खेलने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया को 171 रन से हरा दिया था। वहीं सीरीज के तीसरे मैच में भी भज्जी ने 15 विकेट लिए थे। यह मैच भी भारत दो विकेट जीत गया था। इसके साथ ही टीम इंडिया ने सीरीज अपने नाम कर ली थी।