जब वे मैदान पर होते हैं तो सिक्सर किंग और मैच फिनिशर की भूमिका में होते हैं, कैंसर जैसी भयावह बीमारी से पाला पड़ा तो उसे मात देकर फाइटर बन गए। यहां टीम इंडिया के युवराज सिंह की बात हो रही है, जो बुधवार को 31 साल के हो गए। क्रिकेटर योगराज और शबनम के पुत्र युवराज सिंह का जन्म 12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ में हुआ था।
युवराज जब क्रीज पर अपने रंग में होते हैं तो दर्शकों का ध्यान केवल उन्हीं के शॉट्स पर होता है। सीमित ओवरों के खेल में कई दमदार पारियां खेल चुके युवराज ने भारत को दो वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। 2007 में टी-20 विश्व कप में जब टीम इंडिया विजेता बनी तो युवी 'मैन ऑफ द सीरीज' बने थे। इसके बाद 2011 एकदिवसीय विश्व कप में भी वह 'मैन ऑफ द सीरीज' थे।
कैंसर को मात देकर बने आदर्श
2011 में युवी का वर्ल्डकप जीतने का खुमार अभी उतरा भी नहीं था और उनके बाएं फेफडे़ में कैंसर हो गया। युवी की बेहद नाजुक स्थिति को देखकर लगा वे अब दोबारा मैदान पर नहीं लौटेंगे। लेकिन युवी ने एक चैंपियन की तरह कैंसर को मात देकर 11 सितंबर 2012 को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 मैच से करीब एक साल के अंतराल पर दोबारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की। इस मैच में उन्होंने 34 रनों की पारी खेलकर दुनिया के कैंसर पीड़ितों के लिए एक आदर्श स्थापित कर दिया। युवी यहीं नहीं रूके उन्होंने रणजी मैचों में दोहरा शतक जमाकर अपने फिटनेस को साबित किया और टेस्ट टीम में चुने गए।
सीमित ओवरों के बादशाह हैं युवी
बाएं हाथ का यह बल्लेबाज वनडे और टी20 मैचों में काफी सफल हैं। दमदार बल्लेबाजी के साथ विश्व प्रसिद्घ फिल्डिंग के लिए फेमस यह युवराज हाल के वर्षों में गेंदबाजी में भी सफल होने लगे हैं। टैलेंट से लबरेज इस क्रिकेटर के टेस्ट मैचों में सफल नहीं होने पर दुनिया के सभी दिग्गज क्रिकेटर हैरानी जताते हैं।
मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने वाले युवी ने 274 वनडे मैचों में 37 से ज्यादा की औसत से 8,051 रन बनाए हैं। वनडे में उन्होंने 13 शतक और 49 अर्द्घशतक भी जमाए हैं। वहीं 29 टी20 मैचों में युवराज ने 30 से ज्यादा की औसत से 667 रन बनाए हैं। 40 टेस्ट मैचों में युवराज ने 33 से ज्यादा की औसत से 1900 रन बनाए हैं। टेस्ट मैचों में युवी ने तीन शतक और 11 अर्द्घशतक लगाए हैं। इसके अलावा युवी ने वनडे में 109, टेस्ट में 9 और टी20 में 16 विकेट लिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खास मुकाम हासिल कर चुके युवराज अभी तक कुंवारे हैं। क्रिकेट के अलावा युवराज कैंसर पीड़ितों की सहायता के लिए काफी कुछ कर रहे हैं। टेलीविजन शो में नजर आ चुके युवराज ने जंबो नाम की एनिमेटेड फिल्म में अपनी आवाज भी दी है।