टीम इंडिया के हेड कोच राहुल द्रविड़ 49 साल के हो चुके हैं। साल 1973 में आज के दिन ही उनका जन्म हुआ था। एक सामान्य परिवार में जन्में राहुल द्रविड़ ने क्रिकेट की दुनिया में बहुत ही असाधारण प्रदर्शन किया है। पहले एक बल्लेबाज के रूप में उन्होंने कई कमाल किए और फिर कोच के रूप में भी वो सुपरहिट रहे हैं। द्रविड़ कोच रहते भारत ने अंडर-19 विश्वकप जीता और अगले साल भी उनकी टीम फाइनल तक पहुंची थी। अब वो भारतीय टीम के कोच हैं।
द्रविड़ के टीम इंडिया का कोच बनने के बाद भारत ने सात मैच खेले हैं और सिर्फ ही हारा है। भारत के लिए भी द्रविड़ कोच के रूप में कमाल कर रहे हैं। लोकेश राहुल से लेकर मयंक अग्रवाल और विराट कोहली तक सभी भारतीय खिलाड़ी उनके मुरीद हैं। द्रविड़ अच्छे क्रिकेटर होने के साथ ही अच्छे कोच भी हैं और उनकी कही बातें जीवन की सीख देती हैं। यहां हम उनकी ऐसी बातों के बारे में बता रहे हैं, जो न सिर्फ क्रिकेट बल्कि आम जीवन में भी काफी फायदेमंद हैं।
द्रविड़ की कही खास बातें
- कोई भी सपना अकेला पूरा नहीं किया जा सकता।
- मैं जो हूं, वहीं हूं। मैंने जानबूझकर अपनी छवि नहीं बनाई है।
- मैं कई बार असफल हुआ हूं, लेकिन मैंने कभी प्रयास करना नहीं छोड़ा।
- मुझे लगता है कि आप क्या करते हैं, उससे फर्क नहीं पड़ता। अगर आप लोगों के बीच रह रहे हैं तो विश्वास सबसे ज्यादा मायने रखता है।
- आप बदले के लिए नहीं खेलते हैं। आप सम्मान और गर्व के लिए खेलते हैं।
शानदार रहा है द्रविड़ का कैरियर
राहुल द्रविड़ ने अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर में 164 टेस्ट और 344 वनडे मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने दोनों फॉर्मेट में 10 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने भारत की कप्तानी भी की है और जरूरत पड़ने पर विकेटकीपर भी बने हैं। द्रविड़ ने एक बार खुलासा किया था कि वो कभी भी विकेटकीपिंग और कप्तानी नहीं करना चाहते थे, लेकिन टीम ने उनसे दोनों काम करवाए।