भारतीय टीम के नामी खिलाड़ियों से सजी इंडिया ए को देवधर ट्रॉफी में इंडिया बी के हाथों सोमवार को फिरोजशाह कोटला में 43 रनों की हार का सामना करना पड़ा। जी हनुमा विहारी की नाबाद 87 रनों की पारी और मैन ऑफ द मैच खब्बू स्पिनर शाहबाज नदीम की ओर से दिए गए शुरूआती झटकों ने इंडिया बी की जीत की इबारत लिखी। वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट का स्वप्निल आगाज करने वाले पृथ्वी शॉ चल नहीं सके। वहीं इंडिया ए के कप्तान दिनेश कार्तिक की 99 रनों की पारी उनकी टीम के काम नहीं आई।
इंडिया बी के कप्तान श्रेयष अय्यर ने टॉस जीतकर पहले खेलने का फैसला लिया। मयंक अग्रवाल ने 46 और अय्यर ने 41 रनों की पारी खेल इंडिया बी की मजबूत आधारशिला रखी। इसके बाद हनुमा विहारी और मनोज तिवारी ने मोर्चा संभाल लिया। हनुमा अंत तक 87 रनों पर नाबाद रहे। वहीं मनोज तिवारी ने 52 रन बनाए। इंडिया बी ने निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट पर 261 रन बनाए। अश्विन ने नौ ओवरों में 39 रनों पर दो विकेट लिए।
जवाब में इंडिया ए की शुरूआत बेहद खराब रही। शॉ को नदीम ने सात के निजी स्कोर पर चलता किया। 87 रनों पर पांच विकेट लुढ़क गए थे। यहां से कार्तिक को अश्विन का साथ मिला। दोनों ने छठे विकेट के लिए 123 रन जोड़े। इंडिया ए को 47 गेंदों में 52 रनों की जरूरत थी। यहां से लेग स्पिनर मयंक मारकंडे की फिरकी ने काम करना शुरू किया।
पहले उन्होंने अश्विन को 54 केस्कोर पर अंकुश बेंस के हाथों स्टंप कराया। इसके बाद कार्तिक नदीम को उन्हीं की गेंद पर कैच दे बैठे। देखते ही देखते आठ रनों के अंदर पूरी टीम 218 रनों पर सिमट गए। मारकंडे ने 48 पर चार, नदीम ने 32 रनों पर तीन, वरुण आरोन ने 45 रनों पर दो विकेट लिए।