मैच फिक्सिंग कांड में दिल्ली पुलिस ने 13 साल बाद जो चार्जशीट दाखिल की, उसमें मर चुके हैंसी क्रोन्ये का नाम तो हैं, लेकिन इसमें एक भी जीवित क्रिकेटर को शामिल नहीं किया है।
जबकि इस मैच फिक्सिंग के जाल में उस वक्त कई क्रिकेटरों के नाम उछाले गए थे।
क्रोन्ये ने किंग कमीशन के सामने मैच फिक्सिंग की बात कबूल कर क्रिकेट जगत में भूचाल ला दिया था। उनसे दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम की कप्तानी छीन ली गई। उन पर क्रिकेट खेलने या कोचिंग करने से आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया।
आरोप स्वीकार करने के बाद एक जून, 2002 को एक विमान हादसे में उनकी रहस्यमयी तरीके से मौत भी हो गई।
2000 में हुए मैच फिक्सिंग प्रकरण में क्रोन्ये के अलावा कई अन्य क्रिकेटरों के नाम भी आए, लेकिन चार्जशीट में और किसी क्रिकेटर का नाम न आना वाकई में चौंकाता है।
क्रोन्ये के साथ मैच फिक्सिंग मामले में साथी बल्लेबाज हर्शल गिब्स पर समान आरोप लगे और उन पर लगभग एक साल का प्रतिबंध लगा भी दिया गया। हालांकि बाद में उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह दे दी गई।
वहीं जांच के दौरान पुलिस ने भी बताया था कि उनके पास क्रोन्ये और उस भारतीय बुकी की बातचीत का रिकॉर्ड है, जिससे अजहर ने मिलवाया था।
गिब्स के अलावा दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर निकी बोए और पीटर स्ट्रायडम पर जानबूझकर मैच हारने के आरोप भी लगे थे।
इस दिवंगत अफ्रीकी कप्तान ने पूछताछ में भारत के पूर्व कप्तान अजहरुद्दीन का नाम लिया था। अजहर पर बुकीज के साथ कथित संबंधों के कारण उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया। हालांकि बाद में वह कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने। कोर्ट ने भी अजहर पर प्रतिबंध को गलत ठहरा दिया।
मैच फिक्सिंग प्रकरण में शामिल अजहर के अलावा अजय जडेजा दूसरा सबसे बड़ा भारतीय क्रिकेटर का नाम रहा। जडेजा समेत मनोज प्रभाकर पर भी पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया गया।
हालांकि, बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने जडेजा पर बैन को अमान्य घोषित कर दिया। वहीं एक अन्य क्रिकेटर अजय शर्मा पर अजहर की तरह आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया। लेकिन चार्जशीट में उनका नाम भी शामिल नहीं है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, फरवरी-मार्च 2000 में दक्षिण अफ्रीका के भारत दौरे के दौरान दो मैच फिक्स किए गए थे।