एशिया कप 2023 का आयोजन हाइब्रिड मॉडल में किया जाएगा। इस टूर्नामेंट के चार मैच पाकिस्तान में होंगे, जबकि बाकी नौ मैच श्रीलंका में खेले जाएंगे। इस टूर्नामेंट में सभी छह टीमें भाग लेंगी। हाइब्रिड मॉडल पर मुहर लगने के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों टीमों का एशिया कप में खेलना तय है, लेकिन अब तक पाकिस्तान के विश्व कप में खेलने को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी ने कहा है कि पाकिस्तान की टीम को भारत भेजने का फैसला सरकार के हाथ में है और सरकार से अनुमित मिलने के बाद ही पीसीबी अपनी टीम भारत में भेजेगा।
सेठी ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, "जहां तक भारत और पाकिस्तान की बात है, तो न तो पीसीबी और न ही बीसीसीआई निर्णय ले सकते हैं। संबंधित सरकारें ही निर्णय ले सकती हैं।"
भारत-पाकिस्तान के आयोजन स्थल के बारे में पूछे जाने पर सेठी ने कहा, "यह हमारी सरकार को तय करना है, जैसे जब भारत की बात आती है, तो यह उनकी सरकार है जो तय करती है कि वे कब खेलने जाएंगे। हमसे यह पूछने का कोई मतलब नहीं है कि हम अहमदाबाद में खेलेंगे या नहीं।" समय आने पर पहले यह तय होगा कि हम जा रहे हैं या नहीं, फिर सरकार तय करती है कि हम कहां जाएंगे।"
एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) ने गुरुवार को आगामी एशिया कप 2023 के लिए एक हाइब्रिड मॉडल की घोषणा की थी, जिसमें पाकिस्तान 13 में से चार मैचों की मेजबानी करेगा, जबकि शेष नौ मैच श्रीलंका में खेले जाएंगे। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और नेपाल 31 अगस्त से 17 सितंबर, 2023 तक 13 वनडे मैच खेलेंगे।
हाइब्रिड मॉडल पर पीसीबी चेयरमैन ने शुक्रवार को कहा, 'यह हाइब्रिड मॉडल भारत और पाकिस्तान के बीच एक दशक से चली आ रही समस्या का समाधान है और इसे हल करने के लिए मैं यह समाधान लेकर आया हूं। ये चार मैच अधिक हो सकते थे, लेकिन टीमों के लिए यहां खेलना और फिर वहां (श्रीलंका) जाना संभव नहीं था, इसलिए इसे इस तरह अलग किया गया था कि चार मैच यहां खेले जाएंगे और बाकी श्रीलंका में। यह कुछ ऐसा है जो हमने स्वीकार किया है, 15 साल हो गए हैं जब वे नहीं आ रहे हैं, यह कोई नई बात नहीं है। हमें क्या मिला; वे हमें एक मैच नहीं दे रहे थे, हमारे पास बहिष्कार करने का एक ही विकल्प था। लेकिन आप इसके परिणाम जानते हैं।"