ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल से हाल ही में भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाड़ियों को मिलाकर अपनी ऑल-टाइम वनडे इलेवन का चुनाव करने के लिए कहा गया था। 37 वर्षीय खिलाड़ी ने टीम में कुछ बड़े नाम शामिल किए, लेकिन उनके एक फैसले ने सभी को चौंका दिया। मैक्सवेल ने पहले सचिन तेंदुलकर को इस टीम का हिस्सा नहीं बनाया। हालांकि, जब उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ उन्होंने तुरंत अपनी प्लेइंग 11 में बदलाव किया।
रोहित के साथ वॉर्नर करेंगे ओपनिंग, सचिन बाहर
मैक्सवेल की ऑल-टाइम वनडे इलेवन में रोहित शर्मा और डेविड वॉर्नर को ओपनिंग के लिए चुना गया है। उन्होंने कहा, 'रोहित शर्मा के आंकड़े काफी शानदार हैं। और मैं डैवी (डेविड वॉर्नर) के साथ जाऊंगा। उनका औसत 45 का है, स्ट्राइक रेट भी 97 का है और उन्होंने 22 शतक लगाए हैं। दोनों बेहतरीन ओपनर हैं।' हैरानी की बात यह है कि मैक्सवेल की प्लेइंग 11 में सचिन तेंदुलकर शामिल नहीं हैं। इस संबंध में जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मैं सचिन को भी चुन सकता था, लेकिन मैंने शुरुआत में राइट-लेफ्ट (संयोजन) के लिए ऐसा किया।'
गेंदबाजी के लिए इन भारतीयों को चुना
इसके बाद मैक्सवेल ने विराट कोहली, रिकी पोंटिंग, माइकल बेवन, एमएस धोनी (विकेटकीपर) और शेन वॉटसन (ऑलराउंडर) को अपनी टीम में शामिल किया। तेज गेंदबाजी के लिए उन्होंने ग्लेन मैक्ग्रा, ब्रेट ली और जसप्रीत बुमराह को चुना। वहीं, महान स्पिनर अनिल कुंबले को भी प्लेइंग 11 में शामिल किया गया।
मैक्सवेल को हुआ गलती का अहसास
यहां मैक्सवेल से एक गलती हो गई। उन्हें बताया गया कि वह टीम में अधिकतम पांच ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को ही शामिल कर सकते हैं, जबकि उन्होंने उससे ज्यादा खिलाड़ियों को चुन लिया था। ऐसे में मैक्सवेल को अपनी टीम में बदलाव करना पड़ा। उन्होंने वॉर्नर को बाहर करते हुए सचिन तेंदुलकर को शामिल किया। मैक्सवेल ने कहा, 'मुझे शायद डैवी को हटाना पड़ेगा। डैवी बाहर, सचिन अंदर। सच कहूं तो, सचिन के पास वॉर्नर से तीन गुना ज्यादा रन हैं।' उल्लेखनीय है कि सचिन तेंदुलकर के नाम 18,426 वनडे रन हैं, जो वॉर्नर से 11,000 से ज्यादा हैं। सचिन ने 49 शतक भी लगाए हैं, जो वनडे क्रिकेट में दूसरा सर्वाधिक रिकॉर्ड है। वहीं, डेविड वॉर्नर ने ऑस्ट्रेलिया को 2015 और 2023 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी।
इंग्लैंड के किसी भी खिलाड़ी को नहीं चुना
दिलचस्प बात यह रही कि मैक्सवेल ने अपनी इस टीम में इंग्लैंड के किसी भी खिलाड़ी को जगह नहीं दी। उन्होंने जो रूट, इयोन मॉर्गन, जोस बटलर, बेन स्टोक्स, एंड्रयू फ्लिंटॉफ या जेम्स एंडरसन जैसे नाम भी बाहर रह गए।