टीम इंडिया वेस्टइंडीज दौरे के लिए पूरी तरह से कमर कस चुकी है। सोमवार की रात मुंबई से टीम विराट कोहली के नेतृत्व में रवाना हो जाएगी। इस दौरे के लिए टीम में युवा खिलाड़ियों को मौका मिला है, लेकिन पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने विंडीज दौरे के लिए टीम की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। गावस्कर ने एमएसके प्रसाद के नेतृत्व वाली चयन समिति पर विराट कोहली को दोबारा कप्तान चुनने की प्रक्रिया को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
मिड डे में लिखे अपने कॉलम में सुनील गावस्कर ने कहा है कि चयनकर्ताओं ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम के चयन से पहले विराट कोहली को कप्तान चुनने के लिए कोई बैठक नहीं की। इससे सवाल खड़ा होता है कि क्या विराट कोहली अपनी और चयन समिति की खुशी से कप्तान बने हैं।
गावस्कर अपने कॉलम में आगे लिखते हैं कि जहां तक हमारी जानकारी है, विराट कोहली वर्ल्ड कप तक के लिए कप्तान चुने गए थे। इसके बाद चयन समिति को विराट की दोबारा कप्तान के तौर पर नियुक्ति के लिए एक बैठक करनी चाहिए थी, फिर भले ही वह पांच मिनट के लिए ही क्यों न बैठते। गावस्कर चार विकेटकीपरों को खिलाने पर भी सवाल खड़े किए। बकौल गावस्कर जब हमारे पास भारत में एक से बढ़कर एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी पड़े हुए थे? तो प्लेइंग इलेवन में ऐसे खराब प्रयोग की जरूरत ही नहीं होनी थी।
सुनील गावस्कर ने यह भी कहा कि इंडियन प्लेयर्स एसोसिएशन का गठन होना चाहिए, जिसमें मौजूदा क्रिकेटर भी शामिल हों, नहीं तो यह एसोसिएशन कठपुतली बनकर रह जाएगी। उन्होंने भारतीय चयन समिति पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय चयन समिति भी कठपुतली ही है।
सुनील गावस्कर ने कहा कि, अब जल्द ही नई चयन समिति का चुनाव होगा। उम्मीद है कि इसमें ऐसे स्तर के लोग होंगे जिन्हें आसान शिकार नहीं बनाया जा सकेगा और जो मैनेजमेंट के सामने अपनी बात मजबूती से रख सकेंगे।'
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज ओपनर रहे सुनील गावस्कर ने वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में मिली हार के बाद भी टीम इंडिया की योजना पर सवाल उठाए थे। उनका मानना था कि न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में टीम प्रबंधन को अनुभवी बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी को ऊपरी क्रम में भेजना चाहिए था। भारतीय टीम ने विश्व कप में नॉकआउट दौर के इस मुकाबले में महज पांच रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे।