गंभीर ने स्टार स्पोर्ट्स के शो 'आईसीसी टी-20 विश्व कप स्पेशल' में कहा, 'सीनियर खिलाड़ियों की जिम्मेदारी है कि वे युवा खिलाड़ियों को शांत बनाए रखें क्योंकि भावनाएं आपको क्रिकेट का मैच नहीं जीता सकतीं बल्कि गेंद और बल्ले के बीच मुकाबला ही आपको क्रिकेट मैच जीता सकता है।' उन्होंने कहा, 'इसलिए जब भारतीय टीम पाकिस्तान से खेलेगी तो विराट कोहली या रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों पर काफी जिम्मेदारी होगी।'
उन्होंने कहा कि भारत को 2007 टी-20 विश्व कप और 2011 वन-डे विश्व कप की जीत को पीछे छोड़ देना चाहिए। दिल्ली के इस बल्लेबाज ने 2011 विश्व कप के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 97 रन की मैच विजयी पारी खेली थी। गंभीर ने कहा, '2007 टी-20 विश्व कप की टीम का हिस्सा होना विशेष था लेकिन मैं इसे भूल चुका हूं।' उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं, तो भारत को उससे आगे बढ़ने की जरूरत है। इसे 13 साल से भी ज्यादा हो गए हैं और मुझे लगता है कि हमें 2007 और 2011 की जीत को पीछे छोड़ देना चाहिए।