अख्तर ने कहा था, कुछ खिलाड़ियों को इस बात से नाराजगी थी कि वह (दानिश) हमारे साथ खाना क्यों खाता है? अख्तर के इस बयान के बाद कनेरिया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था, 'अख्तर ने सच कहा। मैं उन खिलाड़ियों का नाम बताऊंगा जो मुझसे बात करना पसंद नहीं करते थे क्योंकि मैं एक हिंदू था। उस पर बोलने की हिम्मत नहीं थी, लेकिन अब मैं खुलासा करूंगा।'
इसके बाद कनेरिया ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और देश के क्रिकेट प्रशासकों से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन अच्छा नहीं चल रहा है इसलिए उन्हें मदद की जरूरत है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने शोएब अख्तर के बयान से किनारा करते हुए कहा कि वह वह इस आरोप के लिए जवाबदेह नहीं है। पीसीबी के प्रवक्ता ने कहा, 'अख्तर और कनेरिया दोनों संन्यास ले चुके हैं और हमसे अनुबंधित नहीं है इसलिए वे जो चाहे कर सकते हैं और कह सकते हैं। यह उनके विचार हैं। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट की पूरी व्यवस्था के खिलाफ नहीं बल्कि कुछ खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर आरोप लगाए हैं।'
उन्होंने कहा, 'जब कनेरिया खेल रहा था तब इंजमाम उल हक, राशिद लतीफ, यूनिस खान और मोहम्मद यूसुफ पाकिस्तान के कप्तान रहे। अख्तर और कनेरिया ने जो कुछ कहा, इस पर उन्हें जवाब देना चाहिए। इसमें बोर्ड को क्यों शामिल होना चाहिए।'
दानिश ने शुक्रवार को 'समां' चैनल से कहा कि हिन्दू होने के कारण मुझे निशाना बनाया गया, लेकिन कभी धर्म परिवर्तन नहीं किया। उन्होंने कहा, 'मुझे हिन्दू और पाकिस्तानी होने पर गर्व है। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि पाकिस्तान में हमारे क्रिकेट समुदाय को नकारात्मक तरीके से पेश करने की कोशिश न करें क्योंकि बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्होंने मेरा पक्ष लिया और मेरे धर्म के बावजूद मेरा समर्थन किया।'