बाएं हाथ के बल्लेबाज गौतम गंभीर करीब 2 साल बाद भारत की टेस्ट टीम में वापसी कर सकते हैं। उम्मीद है कि वह कोलकाता टेस्ट में टीम इंडिया की तरफ से टेस्ट खेलते नजर आएं।
टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल का चोटिल होना गंभीर के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। कानपुर टेस्ट में भारत की दूसरी पारी के दौरान लोकेश के दाएं पैर के घुटने की नस खिंच गई थी, इस कारण वह न्यूजीलैंड की दूसरी पारी में क्षेत्ररक्षण के लिए मैदान पर नहीं उतरे और उनकी जगह टीम के 12वें खिलाड़ी शिखर धवन को क्षेत्ररक्षण करना पड़ा।
कानपुर टेस्ट में 197 रनों की बड़ी जीत के बाद भारत ने 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। टीम मैनेजमेंट लोकेश की फिटनेस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। साथ ही टीम से जुड़े सुत्रों के अनुसार कोच अनिल कुंबले ने जोरदार फॉर्म में चल रहे गौलत गंभीर को लोकेश की जगह टीम में शामिल करने को कहा है। दूसरा टेस्ट कोलकाता में 30 सितंबर से शुरू होगा।
गंभीर ने अपना आखिरी टेस्ट 2014 में इंग्लैंड के ओवल में मेजबान टीम के खिलाफ खेला था, जहां वह बल्ले से बुरी तरह नाकाम रहे थे और दोनों पारियों में महज 3 रन ही बना सके थे। इस खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
दलीप ट्रॉफी में गंभीर का प्रदर्शन बनी वापसी की आस
गौतम गंभीर
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पिछले दिनों गौतम गंभीर ने दलीप ट्रॉफी में इंडिया ब्लू की अगुवाई करते हुए टीम को खिताब दिलाया था। गंभीर ने इंडिया ब्लू के लिए ओपनिंग करते हुए इंडिया ग्रीन के खिलाफ दोनों पारियों में 90 और 59 रनों की पारी खेली थी। वहीं इंडिया रेड के खिलाफ मैच जो लगातार बारिश से प्रभावित रहा था की पहली पारी में 77 रन बनाए थे।
फाइनल मैच में भी गंभीर ने अपना शानदार फॉर्म जारी रखा और युवराज सिंह की अगुवाई वाली इंडिया रेड टीम के खिलाफ 94 और 36 रनों का योगदान दिया था। उनकी शानदार पारी का कमाल था कि गुलाबी गेंद से खेले गए दिन-रात के इस टूर्नामेंट में गंभीर की टीम चैंपियन बनी थी।
गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग की जोड़ी टेस्ट क्रिकेट में काफी सफल रही है। लेकिन गंभीर अपने फॉर्म को लंबे समय के लिए कायम नहीं रख सके और टीम से बाहर होना पड़ा। उन्होंने 56 टेस्ट मैचों में 42.58 की औसत से 4046 रन बनाए हैं, साथ ही उन्होंने भारत के लिए कई शानदार पारियां भी खेली है। लेकिन टीम इंडिया में मुरली विजय और शिखर धवन की ओपनिंग जोड़ी के आने के बाद गंभीर के लिए वापसी का रास्ता मुश्किल भरा हो गया था।