टीम इंडिया के बल्लेबाज गौतम गंभीर की सामाजिक कार्यों में काफी दिलचस्पी है। गंभीर अब इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल में ऑर्गन डोनेशन कैंप से जुड़े हैं। अपोलो हॉस्पिटल में अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए गंभीर शनिवार को वहां पहुंचे। उन्होंने हॉस्पिटल प्रशासन को ऑर्गन डोनेशन का महत्व समझाया और उन्हें अंगदान करने की शपथ भी दिलाई।
अपोलो हॉस्पिटल के करीब एक हजार कर्मचारियों ने अंगदान के लिए पंजीकरण कराया। गौतम गंभीर ने कहा कि अंगदान महादान है, इसे सभी को करना चाहिए। इसके लिए परिजनों को जागरूक करना और उन्हें यकीन दिलाना हम सब की जिम्मेदारी है।
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एक व्यक्ति के शरीर से 50 लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। गंभीर ने अंगदान करने के लिए साल 2011 में अपना पंजीकरण कराया था। उन्होंने कहा कि समाज में अंगदान को लेकर कई मिथक हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है।
राष्ट्रीय अंग व ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) के सलाहकार संयोजक डॉ। सुरेश के बधावन ने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया व यस बैंक में खाता खुलवाते वक्त युवाओं को अंगदान का विकल्प भरना अनिवार्य कर दिया गया है।
भविष्य में वोटर कार्ड, कॉलेज में प्रवेश लेते समय, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय भी यह विकल्प के रूप में रखा जाएगा ताकि लोग जागरूक हो सकें।