जी हां, ये सच है। कर्स्टन ने ‘क्रिकेट कलेक्टिव’ पॉडकास्ट में 2007 में घटी उन घटनाओं का जिक्र किया। बताया कि कोचिंग में उनकी दिलचस्पी नहीं थी और उन्होंने भारतीय टीम के कोच पद के लिए आवेदन भी नहीं किया था, लेकिन गैरी कर्स्टन को 2007 में केवल सात मिनट में यह अहम पद मिला था, जिसमें पूर्व भारतीय दिग्गज सुनील गावसकर की भूमिका भी अहम रही थी।