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Timed Out: छह मिनट बाद बैटिंग करने आए गांगुली नहीं हुए थे टाइम आउट, जानें क्या थी वजह; क्या कहता है नियम?

Tue, 07 Nov 2023 12:43 AM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन की अपील पर दक्षिण अफ्रीकी अंपायर मरायस एरेस्मस ने उन्हें टाइम आउट दिया। यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टाइम आउट का पहला मामला है।
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सौरव गांगुली और एंजेलो मैथ्यूज - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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फिरोज शाह कोटला के मैदान पर सोमवार को वह हुआ जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के 146 साल (1877 में हुआ था पहला टेस्ट मैच) के इतिहास में कभी नहीं हुआ। बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ विश्वकप के मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 409 मैचों (टेस्ट, वनडे, टी-20) और 15 साल का अनुभव रखने वाले एंजेलो मैथ्यूज को टाइम्ड आउट करार दिया गया। बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन की अपील पर दक्षिण अफ्रीकी अंपायर मरायस एरेस्मस ने उन्हें टाइम आउट दिया। यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टाइम आउट का पहला मामला है।
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कैसे आउट हुए मैथ्यूज
24.2 ओवर में सदीरा समरविक्रमा के आउट होने के बाद एंजेलो मैथ्यूज मैदान पर उतरे। उस वक्त श्रीलंका का स्कोर चार विकेट पर 135 रन था। शाकिब गेंदबाजी पर थे। मैथ्यूज क्रीज पर भी आ गए, लेकिन उन्होंने स्ट्राइक नहीं ली। वह अपने हेलमेट की स्ट्रिप को ठीक करने लगे। उन्होंने बिना स्ट्राइक लिए ही पवेलियन की ओर दूसरा हेलमेट लाने का इशारा कर दिया। इस दौरान समरविक्रमा को आउट हुए दो मिनट हो गए। शाकिब ने दोनों हाथ उठाते हुए अंपायर एरेस्मस से बात कर नाखुशी जाहिर कर टाइम्ड आउट की अपील कर दी। अंपायर ने मैथ्यूज को आउट दे दिया। मैथ्यूज ने विरोध भी जताकर शाकिब और अंपायर से बात की और अपने हेलमेट को दिखाया, लेकिन शाकिब ने अपील वापस नहीं ली। मैथ्यूज ने मैदान से बाहर निकलते ही गुस्से में अपना हेलमेट फेंक दिया। श्रीलंका के कप्तान कुसाल मेंडिस ने पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेटर और बांग्लादेश के कोच चंडिका हथुरासिंघे से भी अपना विरोध जताया।

क्या है टाइम आउट का नियम
आईसीसी के नियम 40.1.1 के अनुसार बल्लेबाज के आउट होने या रिटायर होने के अगले दो मिनट के अंदर अगले बल्लेबाज को गेंद खेलने के लिए तैयार होना चाहिए। अगर इसे पूरा नहीं किया जाता है तो यह टाइम्ड आउट के दायरे में आता है। हालांकि मेरलिबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के नियमों के तहत टाइम्ड आउट के लिए समय तीन मिनट है, लेकिन विश्वकप में आईसीसी नियमों के तहत इसके लिए दो मिनट रखे गए हैं। टाइम्ड आउट का का विकेट किसी गेंदबाज के खाते में नहीं जाता है और न ही इसके लिए अतिरिक्त गेंद जोड़ी जाती है। यही कारण है कि एक ही गेंद पर दो बल्लेबाज आउट हुए।
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आउट पर बंट गए क्रिकेटर और पत्रकार
बहुत से क्रिकेट प्रेमियों ने सोमवार से पहले टाइम्ड आउट के बारे में सुना भी नहीं होगा, लेकिन मैथ्यूज को आउट दिए जाने पर कई क्रिकेटर और अरुण जेटली स्टेडियम के मीडिया बॉक्स में इस मैच को बड़ी संख्या में कवर करने आए बांग्लादेश और श्रीलंका के पत्रकार भी बंट गए। मैथ्यूज को गुस्से में पवेलियन लौटते देख, श्रीलंका के एक वरिष्ठ पत्रकार के मुंह से निकला, शाकिब को कम से कम इतने अनुभवी बल्लेबाज का सम्मान करते हुए अपील नहीं करनी चाहिए थी। वहीं बांग्लादेशी पत्रकार अपने कप्तान के दिमाग की दाद देते नजर आए। वे यही कह रहे थे कि क्या कमाल का दिमाग है। मैथ्यूज क्रीज पर थे, फिर भी उन्हें दो मिनट के टाइम आउट का नियम याद रहा। दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी, यह शोभनीय नहीं था। दिग्गज वकार युनुस ने कमेंट्री के दौरान कहा कि यह क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है। यह खेल भावना के खिलाफ है।

छह मिनट देर से पहुंचे गांगुली को नहीं दिया आउट
भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को 2007 के केपटाउन टेस्ट में छह मिनट क्रीज पर देर से पहुंचने के बाद भी टाइम्ड आउट नहीं दिया गया था। मैदान पर कम समय गुजारने के चलते अगले दिन खेल की शुरुआत में सचिन तेंदुलकर को बल्लेबाजी की अनुमति नहीं दी गई थी। उन्हें वापस लौटा दिया गया था। वीवीएस लक्ष्मण अपनी किट उतारकर टॉयलेट में थे, जिसके चलते सौरव गांगुली को आनन-फानन में किट पहननी पड़ी, जिसमें उन्हें देर हो गई। उस दौरान अंपायर डेरिल हार्पर ने स्पष्ट कर दिया था कि सचिन को बल्लेबाजी की अनुमति नहीं देने की सूचना पहले से नहीं दी गई थी, इस लिए यहां टाइम्ड आउट का नियम लागू नहीं होगा।
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