वीरेंद्र सहवाग ने जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया तो वे मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते थे। प्रयोग के तौर पर उनसे ओपनिंग करवाई गई और वो आज दुनिया के बेहतरीन ओपनर हैं। हालांकि पिछले कई महीनों से उनका बल्ला खामोश है।
बल्ले की धार तेज करने के लिए सहवाग ने रणजी खेला। यूपी के खिलाफ ओपनिंग करते हुए पहली पारी में वीरू केवल 25 रन ही बना सके। लेकिन दूसरी पारी में छठें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए सहवाग ने शतक ठोक दिया। छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने का फैसला किसका था? इस बहस को अगर छोड़ दें तो इस बात की आशंका बढ़ जाती है कि सहवाग आने वाले दिनों में मध्यक्रम में बल्लेबाजी कर सकते हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो टेस्ट के लिए टीम का चयन हो चुका है। इस टीम में 4 ओपनर रखे गए हैं। सहवाग, गंभीर के अलावा मुरली विजय और अजिंक्य रहाणे को टीम में रखा गया है। वहीं मध्यक्रम के लिए टीम में सचिन, विराट, युवराज और धोनी ही हैं। तो क्या इस बात की तैयारी चल रही है कि सहवाग को मध्यक्रम में उतारा जाएगा। वैसे भी सहवाग का यह पसंदीदा जगह रह चुका है। सहवाग ने जनवरी 2011 से अगस्त 2012 तक ओपनिंग करते हुए एक पारी में सबसे ज्यादा 67 रन बनाए हैं। इस दौरान सहवाग 12 टेस्ट मैच में केवल 5 बार पचास का आंकड़ा छू पाए हैं।
सहवाग को टेस्ट टीम किस स्थान पर खेलना चाहिए? ओपनिंग या मध्यक्रम?