आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भारत को मिली हार के क्रिकेट विशेषज्ञों ने कई कारण बताए हैं। जिनमें से 2 प्रमुख कारण पहला भारतीय बल्लेबाज दूसरी पारी में कुछ नहीं कर पाए वहीं गेंदबाजों ने भी काफी निराश किया। साउथम्पटन के एजिस बाउल में खेले गए गए आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप खिताबी मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 8 विकेट से हराया था। फाइनल में टीम इंडिया को मिली हार के बाद पूर्व विकेटकीपर सबा करीम ने चयनकर्ताओं पर निशाना साधा है।
डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिए तेज गेंदबाज के तौर पर टीम इंडिया में इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह को शामिल किया गया। ये तिकड़ी फाइनल में कुछ खास कमाल न कर सकी और दोनों पारियों में सिर्फ 7 विकेट ही ले पाई। इसके अलावा न्यूजीलैंड के जो 5 विकेट और गिरे उन्हें आर अश्विन और रवींद्र जडेजा ने आउट किया।
मोहम्मद शमी ने पहली पारी में 76 रन देकर 4 विकेट लिए। वहीं इशांत शर्मा ने 48 रन देकर 3 विकेट झटके। इस दौरान जसप्रीत बुमराह ने भारत को काफी निराश किया। वह मैच की दोनों पारियों में एक भी विकेट नहीं ले पाए। सबा करीम का मानना है कि जसप्रीत बुमराह को फाइनल में भारतीय टीम से दूर रखा जा सकता था। उन्होंने कहा कि बुमराह ने भारत के लिए क्या हासिल किया उसके आधार पर टीम में जगह मिली।
सबा करीम ने आगे कहा, मेरा मानना है कि चयनकर्ताओं को उनकी मौजूदा फॉर्म को देखना था, ऑस्ट्रेलिया में चोटिल होने के बाद बुमराह ने टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला था। सबा करीम के मुताबिक, बुमराह ने सीमित ओवरों की क्रिकेट के तहत टी-20 मैच खेले। वह इंग्लैंड के खिलाफ भी सीरीज में नहीं खेले थे, मेरा मानना है कि अगर हम टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो वह ऑउट ऑफ फॉर्म थे।
उनके मुताबिक बुमराह ज्यादा स्विंग गेंदबाज नहीं हैं लेकिन पिच से प्राप्त होने वाले मूवमेंट ने उन्हें विदेशी परिस्थितियों में इस तरह का खतरा बना दिया है। इस दौरान जब उन्हें एक बार मूवमेंट मिलने वाला था उसी दौरान उनकी गेंद पर कैच छूट गया। सबा करीम ने आगे कहा कि कुछ हद तक मुझे लगा कि वह दूसरी पारी में लय हासिल कर रहा है, उन्होंने गेंदबाजी की लेकिन बुमराह दुर्भाग्यपूर्ण रहे और एक भी विकेट नहीं ले पाए।