क्या टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लेकर टीम इंडिया के थिंक टैंक के लिए कड़ा निर्णय लेने का वक्त आ गया है। धोनी को साल 2019 में होने वाले विश्व कप के मद्देनजर टीम की योजनाओं में शामिल करना चाहिए या नहीं इस तरह के कई सवाल धोनी के हालिया प्रदर्शन के बाद उठने लगे हैं। टीम इंडिया का थिंक टैंक इन दिनों धोनी की धीमी बल्लेबाजी को लेकर बहुत चिंतित है। क्योंकि उनकी धीमी बल्लेबाजी के कारण टीम इंडिया को पिछले कई मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। धोनी को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मैच फिनिशर्स में से एक माना जाता है लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रही सीरीज के चौथे मैच में धोनी ने जिस तरह बल्लेबाजी की वह उनकी पहचान से उलट है। उन्होंने 108 गेंद में अर्धशतक जड़ा था जिसे लेकर उनकी बहुत आलोचना हो रही है।
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टीम इंडिया के थिंक-टैंक को करना होगा धोनी की भूमिका पर फैसला!
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ms dhoni
हालांकि इस मैच में भारतीय टीम विपरीत परिस्थिति के विकेट का सामना कर रही थी। विराट ने भी मैच के बाद कहा कि पिच पर दोहरा पेस और उछाल था। ऐसी परिस्थिति में बल्लेबाजी करना मुश्किल था। विकेटों की झड़ी के बीच धोनी एक छोर थामे रखा। अंत में जीत के लिए भारत को 20 गेंद में 20 रन की टीम को दरकार थी जिसे धोनी हासिल नहीं कर सके और 49वें ओवर की अंतिम गेंद पर पवेलियन लौट गए। उन्होंने 114 गेंदों पर महज 54 रनों की पारी खेली। मॉर्डन क्रिकेट में जहां बल्लेबाज 100 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हैं वहां धोनी ने 47.36 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। धोनी पूरी पारी में केवल 1 चौका लगा सके और टीम इंडिया जीत की दहलीज पार नहीं कर सकी। धोनी मैच के अंतिम क्षणों में रविंद्र जाडेजा और पांड्या से बड़े शॉट्स लगाने की उम्मीद करते रहे। जडेजा और पांड्या ने 100 स्ट्राइक रेट से रन बनाए। लेकिन खराब शॉट खेलकर दोनों पवेलियन लौट गए।
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टीम इंडिया के थिंक-टैंक को करना होगा धोनी की भूमिका पर फैसला!
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महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : ESPN
कप्तानी छोड़ने का बाद से धोनी मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी कर रहे हैं। कप्तानी छोड़ने के बाद धोनी ने लगभग 50 के औसत और 100 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। लेकिन विपरीत परिस्थितियों में वह टीम को संभालने में नाकामयाब रहे हैं। ऐसा चैंपियंस ट्रॉफी में भी देखा गया है जब फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 33 रन पर 3 विकेट गंवाने के बाद धोनी मैदान पर थे लेकिन वह कोई कमाल नहीं दिखा पाए। ऐसे में पूर्व चयनकर्ता और टीम इंडिया में विकेटकीपर रहे सबा करीम ने कहा कि क्या यह स्वाभाविक नहीं है कि उम्र के साथ आप उतने अच्छे फिनिशर न रह जाएं जितना कि आप पहले हुआ करते थे? करीम ने धोनी का बचाव करते हुए आगे कहा कि अब वक्त आ गया है कि धोनी को नंबर 5 पर एंकर की भूमिका में देखा जाए। अब वह 35 की उम्र के हो चुके हैं। भारत को 4 और 6 नंबर की बल्लेबाजी की समस्या को दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी पता नहीं है कि 2019 विश्व कप में धोनी की क्या भूमिका होगी।
टीम इंडिया के थिंक-टैंक को करना होगा धोनी की भूमिका पर फैसला!
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महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : ESPN
उन्होंने सवाल करते हुए कहा, क्या धोनी विश्व कप 2019 तक नंबर 5 पर बल्लेबाजी के लिए उपयुक्त हैं? हालांकि हाल के दिनों में ऐसा दिखा नहीं है। उन्होंने धोनी की तारीफ करते हुए कहा कि वह शानदार विकेटकीपर हैं, उन्हें खेल की काफी समझ है लेकिन उनकी बल्लेबाजी उनका साथ नहीं दे रही है।
हालांकि धोनी फिर से पहले की तरह फिनिशर की भूमिका निभाना चाहते हैं। उनपर सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि 49वें ओवर तक पिच पर खड़े रहने के बावजूद वह टीम को जीत दिलाने की कोशिश में कामयाब नहीं हो पाए और भारत को चैंपियन्स ट्रॉफी में क्वालीफाई न कर पाने वाली टीम के सामने 11 रन से हार का मुंह देखना पड़ा।