पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और दिग्गज क्रिकेटर इमरान खान के बेटों सुलेमान और कासिम ने अपने पिता की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इन्होंने कहा कि इमरान को जेल में मारने के लिए खुलेआम प्रयास किए जा रहे हैं। इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच दूसरे टेस्ट मैच के दौरान इमरान के दोनों बेटों ने स्काई स्पोर्ट्स पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक एथरटन को इंटरव्यू दिया।
इमरान के समर्थन में उठी थी आवाज
माइक एथरटन उस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले 21 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट दिग्गजों में शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में पाकिस्तान सरकार को भेजकर इमरान के लिए उचित चिकित्सा देखभाल की मांग की गई थी। कासिम ने अपने 73 वर्षीय पिता की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, यह बहुत स्पष्ट है कि वे क्या कर रहे हैं, जो यह है कि वे बस उन्हें वहां खुलेआम मारने की कोशिश कर रहे हैं। वे बस उन्हें वहां जितनी लंबी अवधि तक हो सके रखना चाहते हैं और वे यही चाहते हैं कि बस उनकी आवाज हमेशा के लिए चुप करा दी जाए।
कासिम ने आगे कहा, पिछली बार जब वह अपनी बुआओं और किसी अन्य व्यक्ति से बात करने में सक्षम थे, तो उन्होंने कहा था कि हाल ही में स्थितियां गंभीर रूप से खराब हो गई हैं। वह इसकी तुलना अन्य राजनीतिक कैदियों से कर रहे थे जिन्हें मार दिया गया है या जिनकी जेल में मौत हो गई है। अभी यह पहले से भी बदतर है। उन्हें एक सेल में दिन में 23 घंटे से अधिक समय तक पूरी तरह से अलग-थलग रखा जा रहा है।
बाबर आजम
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पीसीबी ने इंटरव्यू का किया विरोध
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन लंच ब्रेक के दौरान प्रसारित हुए इस इंटरव्यू के बाद मेहमान टीम के क्रिकेट बोर्ड ने विरोध जताया था। सूत्रों के मुताबिक पीसीबी ने मैच का बहिष्कार करने की धमकी दी थी। इसके बाद पीसीबी ने ब्रॉडकास्टर के पास शिकायत दर्ज कराई और प्रसारण पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। राजनीति के अलावा इमरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के एक प्रतिष्ठित चेहरा हैं, जिनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने 1992 में अपना पहला और एकमात्र वनडे विश्व कप जीता था।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद इमरान का हाल ही में एक मेडिकल परीक्षण हुआ था। उन्हें इस्लामाबाद के शिफा अस्पताल ले जाया गया था और कुछ ही घंटों के भीतर वापस जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। सुलेमान ने कहा कि स्वतंत्र डॉक्टरों द्वारा इमरान की जांच नहीं कराई गई है। सुलेमान ने कहा, यह सिर्फ हमें सोचने पर मजबूर करता है, वे क्या छुपा रहे हैं? वे किसी निष्पक्ष डॉक्टर से उनकी जांच कराने से इतने भयभीत क्यों हैं? जब अदालत ने मेडिकल जांच का आदेश दिया था तो हम सतर्कता से आशान्वित थे। हमारी आशंकाएं तब सही साबित हुईं जब, निजी अस्पताल में ले जाए जाने के बजाय, उन्हें सिर्फ कुछ घंटों के लिए एक सरकारी चिकित्सा सुविधा में ले जाया गया और फिर सीधे वापस जेल भेज दिया गया। आंख की समस्या के लिए उनकी आंख पर पट्टी बंधी थी, वह स्पष्ट रूप से तनाव में लग रहे थे और यह कुछ ऐसा है जिसकी हमारे लिए कल्पना करना बहुत कठिन है।
मार्च के बाद से नहीं हुई पिता से बात
दोनों भाइयों ने बताया कि वे 2022 के बाद से जब इमरान एक हत्या के प्रयास में बच गए थे तभी से अपने पिता से आमने-सामने नहीं मिले हैं और मार्च में उनकी अपने पिता से आखिरी बार टेलीफोन पर बातचीत हुई थी। जब उनसे उस कॉल का विवरण साझा करने के लिए कहा गया, तो उन्होंने बताया कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद इमरान दृढ़ और शांत बने हुए थे। इमरान को भ्रष्टाचार के मामलों में अदालतों द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में रखा गया है। दोनों भाइयों ने दोहराया कि पिता से मिलने के उनके प्रयासों को वीजा से वंचित करके विफल किया जा रहा है। कासिम ने कहा, हमने उनसे मिलने की कोशिश की। लेकिन तकनीकी कारणों से जिन वीजा के लिए हमने आवेदन किया था, उन्हें ब्लॉक कर दिया गया।