न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर और स्टार ऑलराउंडर क्रिस केर्न्स ओपन हार्ट सर्जरी और एक बड़े इलाज के बाद घर लौट चुके हैं। लकवाग्रस्त होने के बाद इस महान खिलाड़ी का कई महीनों तक अस्पताल में इलाज चला और इसके बाद हालत में सुधार होने के बाद उन्हें छुट्टी दी गई।
अस्पताल से निकलने के बाद केर्न्स ने फिर से बल्ला थामा। उन्होंने 30 दिसंबर यानी गुरुवार को अपने ट्विटर अकाउंट से व्हीलचेयर पर क्रिकेट खेलते हुए तस्वीरें शेयर की।
न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर और स्टार ऑलराउंडर क्रिस केर्न्स ओपन हार्ट सर्जरी और एक बड़े इलाज के बाद घर लौट चुके हैं। लकवाग्रस्त होने के बाद इस महान खिलाड़ी का कई महीनों तक अस्पताल में इलाज चला और इसके बाद हालत में सुधार होने के बाद उन्हें छुट्टी दी गई।
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अस्पताल से निकलने के बाद केर्न्स ने फिर से बल्ला थामा। उन्होंने 30 दिसंबर यानी गुरुवार को अपने ट्विटर अकाउंट से व्हीलचेयर पर क्रिकेट खेलते हुए तस्वीरें शेयर की। कीवी ऑलराउंडर ने ट्वीट किया, 'क्रिकेट और पूल टाइम। यहां आकर खुशी हुई, महान साथियों का आभारी हूं।'
51 वर्षीय केर्न्स को चार महीने पहले दिल का दौरा पड़ा था, जिसकी वजह से वह लकवाग्रस्त हो गए थे। वह एओरटिक डाइसेक्शन नाम की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और लगातार इससे जूझ रहे थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और अधिक सुधार नहीं होने के बाद उनका सिडनी में इलाज चला और वहां उनकी चौथी ओपन हार्ट सर्जरी हुई जिसकी वजह से उनकी जान बची। लेकिन खतरनाक दौरे की वजह से उनकी कमर के नीचे के भाग लकवाग्रस्त हो गए थे।
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न्यूजीलैंड हेराल्ड के अनुसार, 'केर्न्स की पुनर्वास दिनचर्या में जिम में पांच घंटे, सप्ताह में छह दिन काम करना शामिल है।
बता दें कि क्रिस केर्न्स 90 के दशक में न्यूजीलैंड के लिए स्टार ऑलराउंडर्स में शुमार रहे हैं। उन्होंने अकेले दम पर अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से कीवी टीम को कई अहम मुकाबले जिताये। बात करें उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की तो उन्होंने 62 टेस्ट, 215 वनडे और 2 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इस दौरान टेस्ट में उन्होंने 3320 रन बनाए और 218 विकेट हासिल किए, वहीं एकदिवसीय क्रिकेट में उन्होंने 4950 रन बनाए और 201 विकेट हासिल किए। केर्न्स ने 16 फरवरी 2006 को अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था।
केर्न्स ने साल 2000 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत के खिलाफ 113 गेंदों में 8 चौके और 2 छक्कों की मदद से नाबाद 102 रन की पारी खेली थी। उनके इस प्रदर्शन की वजह से सौरव गांगुली की अगुवाई में टीम इंडिया यह टूर्नामेंट जीतने से चूक गई थी।