भारतीय मूल के लोगों ने अमेरिका जाकर सफलता की नई इबारत लिखी है। सिलीकॉन वैली से लेकर नासा तक भारतीयों ने दुनिया में अमेरिकी परचम लहराने में अपना योगदान दिया है। सुंदर पिचाई, सत्या नडेला और इंदिरा नुई जैसे लोग बड़ी अमेरिकी कंपनियों की कमान संभाल रहे हैं। लेकिन टेकनोलॉजी, आईटी और अन्य उद्योंगों से इतर खेलों की दुनिया में ऐसे वाकये देखने को कम मिले हैं। अमेरिका में भी क्रिकेट का उद्धार करने का जिम्मा एक भारतीय मुस्लिम इब्राहिम खलील को मिला है। उन्हें टीम का नया कप्तान बनाया गया है।
अमेरिका जाने से पहले खलील भारतीय घरेलू क्रिकेट में जाना-माना नाम थे। एक बार उन्होंने विकेट कीपर के रूप में किसी प्रथम श्रेणी मैच में 14 शिकार करने का रिकॉर्ड बनाया था। यह रिकॉर्ड उन्होंने साल 2011 में प्लेट ग्रुप बी मैच में हैदराबाद की तरफ से असम के खिलाफ बनाया था। आईपीएल में भी उन्हें मुंबई इंडियंस ने खरीदा था लेकिन उन्हें मैच खेलने का कभी मौका नहीं मिला।
तेलंगाना के हैदराबाद से ताल्लुक रखने वाले खलील की कहानी किसी परिकथा से कम नहीं है। उन्हें अमेरिकी टीम का कप्तान बनाया गया है और वो कनाडा के टोरंटो में खेले जाने वाले ऑटी कप में टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। खलील के लिए यह क्षण इसलिए भी यादगार है क्योंकि उन्होंने कुछ महीने पहले ही यूएस की टीम के लिए पदार्पण किया है। आईसीसी के डब्ल्यूसीएल डिवीजन तीन स्पर्धा में उन्होंने युगांडा के खिलाफ डेब्यू किया था।
कुछ साल पहले खलील ने जब अमेरिका जाने का मन बनाया तब उनके मन में अमेरिका में बतौर क्रिकेटर करियर बनाने की कोई बात नहीं थी। एक खिलाड़ी जिसे भारत के घरेलू क्रिकेट में खेलने का पूरा अनुभव है उसे इसी साल मार्च में अमेरिकी टीम में शामिल किया गया था।