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विश्व कप के 10 साल: गंभीर को आज भी इस बात का मलाल, फाइनल में 97 रन पर हो गए थे आउट

Fri, 02 Apr 2021 04:00 PM IST
ओम. प्रकाश स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गौतम गंभीर - फोटो : सोशल मीडिया
भारतीय क्रिकेट के लिए 2 अप्रैल का दिन बेहद खास है। आज से 10 साल पहले 2 अप्रैल 2011 को टीम इंडिया ने महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में श्रीलंका को हराकर विश्व कप जीता था। भारत को वर्ल्ड कप जिताने में गौतम गंभीर ने अहम किरदार निभाया। इस खिताबी मुकाबले में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 97 रन बनाए थे। बाएं हाथ के इस पूर्व धुरंधर बल्लेबाज का कहना है कि विश्व कप में शतक पूरा न कर पाने का उन्हें कोई पछतावा नहीं है, उन्हें सिर्फ इस बात का पछतावा है कि वह मैच समाप्त नहीं कर पाए। 
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गौतम गंभीर
39 वर्षीय गौतम गंभीर के मुताबिक, ये मेरी जिम्मेदारी थी कि मैं एमएस धोनी के साथ  मैच समाप्त करता। फाइनल मैच में टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 79 गेंदों पर 91 रनों की नाबाद पारी खेली थी। जिसके चलते भारत 28 साल बाद दूसरी बार विश्व कप जीतने में सफल रहा। गौतम गंभीर ने कहा जब वह आउट होकर पवेलियन जा रहे थे तो उन्हें इस बात का डर था कहीं भारत फाइनल हार न जाए। 
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gautam gambhir
इस फाइनल मुकाबले में गौतम गंभीर 42वें ओवर में 97 रन बनाकर आउट हुए उस समय भारत को मैच जीतने के लिए 52 रनों की दरकार थी। गंभीर के आउट होने के बाद युवराज सिंह बल्लेबाजी करने आए। उसके बाद सुरेश रैना का आना बाकी था। 

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गौतम गंभीर - फोटो : getty
स्पोर्ट्स टुडे से बात करते हुए गंभीर ने कहा, जब वह आउट होकर लौट रहे थे तो उन्हें हार जाने का डर सता रहा था क्योंकि क्रिकेट में पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं। वह कहते हैं कि मुझे 3 रन न बनाने का पछतावा नहीं है, मुझे इस बात का पछतावा है कि मैं मैच को फिनिश नहीं कर पाया जोकि मेरी जिम्मेदारी थी। जैसा आप जानते हैं कि क्रिकेट में अजीबोगरीब घटनाएं होती रहती हैं, जब आप मैदान पर हैं और वर्ल्ड कप फाइनल है तो ये मेरी जिम्मेदारी थी कि मैं एमएस धोनी के साथ मैच समाप्त करता। जब मैं पवेलियन लौट रहा था तो मुझे इसी बात का पछतावा था मुझे शतक पूरा न करने का कोई पछतावा नहीं था। 
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गौतम गंभीर एमएस धोनी - फोटो : ट्विटर
उन्होंने कहा कि मुझे पछतावा था कि अगर हम विश्व कप नहीं जीत पाते तो पूरी उम्र हमें इस पछतावे के साथ रहना होता। यही भय उस समय मेरे दिमाग में आया था। विश्व कप फाइनल मैच में गौतम गंभीर ने सचिन और सहवाग के आउट होने के बाद 122 गेंदों पर 97 रनों की पारी खेली थी। इस मैच में गंभीर ने विराट कोहली के साथ 85 रनों की साझेदारी की। इसके अलावा उन्होंने कप्तान एमएस धोनी के साथ 109 रनों की शतकीय साझेदारी निभाई थी।
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gautam gambhir
इन दो साझेदारियों के चलते भारत ने श्रीलंका के खिलाफ 275 रनों का लक्ष्य हासिल किया था। टीम इंडिया ने ये खिताबी मुकाबला 10 शेष रहते 6 विकेट से जीता था। 
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