पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी टेस्ट के तीसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण उनकी आलोचना की और कहा कि यह प्रदर्शन बहुत ही साधारण है। शास्त्री का कहना है कि बारसापाड़ा की पिच में कोई समस्या नहीं है। उनकी आलोचना शॉन पोलक की उस टिप्पणी के तुरंत बाद आई जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ विकेट आसानी से गिरे।
दक्षिण अफ्रीका ने ली बड़ी बढ़त
दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 489 रन बनाए थे। भारत को केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल ने अच्छी शुरुआत दिलाई थी, लेकिन इस साझेदारी के टूटने के बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई। भारत पहले ही दो मैचों की सीरीज में 0-1 से पीछे चल रहा है और उस पर सीरीज गंवाने का खतरा मंडरा रहा है। भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 201 रन पर सिमट गई। टीम की बल्लेबाजी बेहद खराब रही और टीम फॉलोऑन तक नहीं बचा सकी। उसे 289 रन बनाने थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका के कप्तान तेम्बा बावुमा ने भारत को फॉलोऑन नहीं खिलाने का और फिर से बल्लेबाजी करने का फैसला लिया है। दक्षिण अफ्रीका को इस तरह 288 रनों की बढ़त मिल गई है।
शास्त्री ने कहा, यह अभी भी एक अच्छी पिच है। यह ऐसा विकेट नहीं है जहां इतने कम स्कोर पर विकेट गिरें। साधारण बल्लेबाजी। भारत ज़रा भी खुश नहीं होगा। आपको हाथ उठाकर कहना होगा कि यह बहुत ही साधारण बल्लेबाजी है।
भारत की पारी
भारत के लिए यशस्वी जायसवाल ने सबसे ज्यादा 58 रन बनाए, जबकि सुंदर ने 48 रन की पारी खेली। इसके अलावा कोई बल्लेबाज नहीं चला। केएल राहुल 22 रन, साई सुदर्शन 15 रन, कप्तान ऋषभ पंत सात रन, रवींद्र जडेजा छह रन और नीतीश रेड्डी 10 रन बनाकर आउट हुए। 95 पर एक विकेट के बाद 122 रन तक आते आते भारत ने सात विकेट गंवा दिए। ध्रुव जुरेल खाता भी नहीं खोल सके। इसके बाद सुंदर ने कुलदीप यादव के साथ 72 रन की साझेदारी निभाई। सुंदर के आउट होते ही टीम 201 रन पर सिमट गई। कुलदीप 19 रन और बुमराह पांच रन बनाकर आउट हुए। दक्षिण अफ्रीका की ओर से यानसेन ने छह विकेट लिए, जबकि साइमन हार्मर को तीन विकेट मिले। केशव महाराज ने एक विकेट लिया।