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आखिरकार संजय बांगड़ का गुस्सा फूटा, टीम इंडिया में नंबर चार को लेकर किए कई खुलासे

Wed, 11 Sep 2019 06:57 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : social Media

2019 विश्व कप के बाद टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में सिर्फ एक बदलाव हुआ। टीम के बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसकी सबसे बड़ी वजह बनी भारतीय बल्लेबाजी क्रम में नंबर चार पोजिशन। हेड कोच रवि शास्त्री, फिल्डिंग कोच आर. श्रीधर, गेंदबाजी कोच भरत अरुण की टीम में बल्लेबाजी कोच के रूप में पूर्व भारतीय क्रिकेटर विक्रम राठौड़ की एंट्री हुई।

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संजय बांगड़ - फोटो : social Media
अब बतौर बल्लेबाजी कोच भारतीय क्रिकेट टीम के साथ पांच साल बिताने वाले संजय बांगड़ ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर न सिर्फ सफाई दी है बल्कि विश्व कप में नंबर चार पायदान को लेकर कई खुलासे भी किए हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उनके बल्लेबाजी कोच रहते हुए टीम इंडिया ने क्रिकेट के हर प्रारूप में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की। मेरे रहते हुए टीम इंडिया सिर्फ विश्व कप खिताब ही नहीं जीत सकी।
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संजय बांगड़ - फोटो : indianexpress
टीम इंडिया में नंबर चार पर बल्लेबाजी को लेकर संजय ने कहा कि इस नंबर पर बल्लेबाजी को लेकर किए गए फैसले में चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट शामिल थे। इस नंबर पर खिलाड़ियों का चयन उनकी फिटनेस और मौजूदा फॉर्म की आधार पर किया गया। इस बयान के जरिए संजय बांगड़ ने सीधे मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद की अगुआई वाली चयन समिति और रवि शास्त्री की मौजूदगी वाली टीम प्रबंधन पर निशाना साधा।

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संजय बांगड़ - फोटो : सोशल मीडिया
संजय बांगड़ ने कहा कि इस नंबर पर चयन करते हुए ये भी देखा जाता था कि खिलाड़ी दाएं हाथ का है या बाएं हाथ का। वो गेंदबाजी कर सकता है या नहीं। उन्होंने अपने काम के बारे में बात करते हुए कहा कि मेरा फोकस तकनीक पर होता था, जब भी आप गलत शॉट खेलकर आउट होते हो तो फिर से उस बल्लेबाज को अपनी तकनीक पर काम करने की जरूरत होती है।
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संजय बांगड़
बांगड़ ने कहा कि मुझे पद से हटाया गया इसे लेकर मैं निराश जरूर हूं। संजय बांगड़ ने आगे कहा कि मैं स्वाभाविक रूप से निराश हूं, लेकिन मैं बीसीसीआई, सभी कोचों डंकन फ्लेचर, अनिल कुंबले और रवि शास्त्री का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे भारतीय क्रिकेट की सेवा करने का मौका दिया। अब जो ब्रेक मिला है, उससे मुझे तरोताजा होकर नई शुरुआत करने में मदद मिलेगी। बांगड़ को चौथे नंबर के बल्लेबाज की तलाश न कर पाने का खामियाजा भुगतना पड़ा, जिसकी वजह से टीम इंडिया ने इस क्रम पर कई बल्लेबाजों को आजमाया और उसे निराशा ही हाथ लगी।
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