वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम के कोच की नई प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वेस्टइंडीज दौरे तक फिलहाल रवि शास्त्री ही टीम इंडिया के कोच की भूमिका में रहेंगे। उसके बाद अगस्त में फिर से कोच और सिलेक्टर्स का चयन होगा। कोच के चयन के लिए कपिल देव की तीन सदस्यों वाली कमिटी का गठन किया गया जो टीम इंडिया को उसका नया कोच देगी।
रवि शास्त्री के फिर से कोच पद के आवेदन की खबरों की बीच अब टीम इंडिया के पूर्व आलराउंडर रोबिन सिंह ने भी आवेदन भर दिया है।
15 साल से अलग-अलग टीमों की कोचिंग का अनुभव वाले रोबिन ने अपनी कोचिंग में 10 खिताब जीते हैं। रोबिन सिंह 2007-09 के दौरान टीम इंडिया के फील्डिंग कोच भी रह चुके हैं। वे इंडिया अंडर-19 और इंडिया ए को भी कोचिंग दे चुके हैं। साथ ही अलग-अलग टी-20 लीग में भी वे कई टीमों के लिए कोचिंग की भूमिका में रहे हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस के असिस्टेंट कोच से लेकर कैरिबियाई प्रीमियर लीग में बारबाडोस ट्रिडेंट्स की टीम में वे कोचिंग दे चुके हैं।
55 साल के रोबिन सिंह ने एक अंग्रेजी वेबसाईट के माध्यम से कहा कि मौजूदा कोच के नेतृत्व में टीम इंडिया लगातार दो वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल हार गई है, उसे वर्ल्ड टी-20 में भी निराश किया है। लेकिन अब 2023 वर्ल्ड कप की तैयारियों का समय है जिसके लिए बदलाव जरुरी है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में स्थिति को संभालने के सवाल पर उन्होंने कहा कि, 'वे विराट को नंबर चार पर, मयंक अग्रवाल को नंबर तीन पर धोनी को नंबर पांच पर बल्लेबाजी करवाते। उन्होंने कहा कि धोनी और विराट साथ बल्लेबाजी करते और उनके पीछे पंत, पंड्या और रवीन्द्र जडेजा का साथ रहता।
रोबिन सिंह ने अपने समय में टीम इंडिया के लिए 136 वन-डे मैच खेले जिसमें उन्होंने 25.95 की औसत से 2336 रन बनाए और 69 विकेट भी झटके।