मशहूर कमेंटेटर और पूर्व भारतीय स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने स्पष्ट किया है कि कमेंट्री छोड़ने के फैसले के पीछे बीसीसीआई या जय शाह की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने बोर्ड और जय शाह को इस मामले से नहीं जोड़ने की अपील की है।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने आईपीएल 2026 से पहले कमेंट्री से हटने के अपने फैसले को लेकर कहा है कि इसमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और आईसीसी अध्यक्ष जय शाह की कोई भूमिका नहीं है। शिवरामकृष्णन ने 20 मार्च को बीसीसीआई के साथ कमेंटेटर के तौर पर अपनी लंबी भूमिका खत्म करने का एलान किया था।
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शिवरामकृष्णन ने किया स्पष्ट
शिवरामकृष्णन ने 1980 के दशक की शुरुआत में 17 साल की उम्र में अपनी दमदार लेग-स्पिन गेंदों, गूगली और टॉप स्पिन से हलचल मचा दी थी। भले ही उनका क्रिकेट करियर लंबा नहीं चला लेकिन इसके बाद उन्होंने कमेंटेटर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने एक्स पर लिखा, 'बीसीसीआई प्रशासन को इसमें मत लाओ। यह बीसीसीआई के एक कर्मचारी के साथ वन-ऑन-वन मामला है। जय शाह का भी इससे कोई लेना-देना नहीं है।'
क्यों लिया था फैसला?
शिवरामकृष्णन ने शुक्रवार को ट्वीट की एक सीरीज में अपनी निराशा व्यक्त की, जिससे पता चलता है कि वह अपने काम से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा था, पिछले 23 वर्षों से मुझे टॉस और पुरस्कार वितरण समारोह के लिए नहीं भेजा गया, जबकि नए लोग पिच रिपोर्ट, टॉस और पुरस्कार वितरण समारोह के लिए भेजे जाते रहे। मुझे उस समय भी नहीं भेजा गया जब रवि शास्त्री कोचिंग कर रहे थे, तो इसका मतलब क्या हो सकता है।
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60 वर्षीय शिवरामकृष्णन को दो दशक से अधिक समय तक कमेंट्री बॉक्स के अंदर खुलकर अपने विचार व्यक्त करने के लिए जाना जाता रहा। शिवा नाम से मशहूर शिवरामकृष्णन ने भारत की तरफ से 1983 से 1986 के बीच नौ टेस्ट मैच और 16 वनडे खेले। वह 2000 में कमेंट्री से जुड़े। उन्होंने आईसीसी क्रिकेट समिति में खिलाड़ी प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य किया।